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‘श्रुतिधरोदयः’ पाकर हूं अभिभूत : माला झा

दरभंगा (निशांत झा) : श्रुतिधरोदयः पाकर मैं अत्यंत अभिभूत हूँ। गुरु-शिष्य परंपरा पर केंद्रित यह ग्रंथ प्रेरणादायक होगा। उक्त बातें प्रो. जयशंकर झा द्वारा संपादित अपने गुरु डॉ.श्रुतिधर झा की पावन स्मृति में प्रकाशित स्मृति ग्रंथ डॉ. संतोष पासवान तथा उज्ज्वल कुमार द्वारा भेंट किए जाने पर अमेरिका से आई हुई मिथिला डायसपोरा की ग्लोबल एक्सक्यूटिव हेड माला झा ने कहीं। आगे श्रीमती झा ने इस अनोखे ग्रंथ को देश-विदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बसे बौद्धिक जगत के अक्षरजीवियों के बीच रखूंगी। साथ ही उन्होंने 100 दिनों के रिकॉर्ड टाइम के अंदर अपने गुरु को समर्पित इस ग्रंथ की नयनाभिराम प्रस्तुति के लिए संपादक सह माँ श्यामा मन्दिर न्यास समिति के उपाध्यक्ष प्रो.जयशंकर झा को साधुवाद दिया।इस अवसर पर संस्कृत विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर साहित्य विभाग के वरीय प्राध्यापक सह न्यासी सदस्य डॉ. संतोष पासवान ने कहा कि इस पुस्तक की आलेखों की चर्चा करते हुए कहा कि यह ग्रंथ अपनी गुणवत्ता के कारण न केवल बारंबार पठनीय अपितु स्थायी रूप से संग्रहणीय है। कला संस्कृति एवं युवा विभाग के राज्य परामर्शदात्री सदस्य उज्ज्वल कुमार ने हाल में ही माँ श्यामा गौरव ग्रंथ के प्रकाशन के संबंध में लिए गए निर्णय की चर्चा करते हुए कहा कि स्मृति ग्रंथ के तर्ज पर ही इस गौरव ग्रंथ का भी प्रकाशन समयसीमा के अंदर ही किया जायेगा। माँ श्यामा गौरव ग्रंथ की प्रकाशन समिति के अध्यक्ष प्रो.जयशंकर झा, प्रधान संपादक डॉ.अमलेंदु शेखर पाठक, सह-संपादक डॉ. संतोष पासवान तथा संपादकीय टीम की किसी भी सारस्वत अनुष्ठान के प्रति निष्ठा सर्वविदित है।

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