भाजपा ने सोमवार को बड़ा संगठनात्मक फैसला लेते हुए दरभंगा के विधायक संजय सरावगी को बिहार प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले यह पद दिलीप कुमार जायसवाल के पास था।
संजय सरावगी दरभंगा विधानसभा सीट से लगातार छह बार विधायक चुने जा चुके हैं। वर्ष 2005 से शुरू हुआ उनका जीत का सिलसिला 2005 (दो बार), 2010, 2015, 2020 और 2025 तक कायम रहा। पिछले साल नीतीश सरकार के कैबिनेट विस्तार में वे पहली बार मंत्री बने थे, हालांकि इस बार मंत्री पद नहीं मिला—तभी से यह चर्चा थी कि उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है। अब वह जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष के रूप में सामने आई है।

नाम के ऐलान के बाद पटना स्थित भाजपा कार्यालय में उनका जोरदार स्वागत हुआ। संजय सरावगी ने कहा कि वे पार्टी को मां के समान मानते हैं और पार्टी ने जो भरोसा जताया है, उसपर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि संगठन हर कार्यकर्ता पर नजर रखता है और सबकी मेहनत को पहचानता है। नितिन नबीन को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाए जाने को भी उन्होंने गौरव का विषय बताया और पार्टी को आगे बढ़ाने की ठोस रणनीति बनाने की बात कही। इस मौके पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी उनका स्वागत किया।
1969 में जन्मे 55 वर्षीय संजय सरावगी वैश्य समुदाय से आते हैं। वे भाजपा के पुराने, भरोसेमंद चेहरों में शुमार हैं और कारोबारी वर्ग में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। मिथिलांचल की राजनीति में दरभंगा का खास असर रहा है, और अब उसी क्षेत्र से संगठन की कमान संभालना भाजपा के लिए रणनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
आशुतोष झा रॉकी
