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दैनिक जीवन में कार्बोहाइड्रेट की भूमिका पर लाभकारी व्याख्यान

दरभंगा। सी. एम. साइंस कॉलेज के पी.जी. रसायन विभाग द्वारा मासिक व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत दूसरा व्याख्यान मंगलवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, डीन विज्ञान संकाय एवं रसायन विभागाध्यक्ष, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने मंचासीन अतिथियों के साथ दीप प्रज्जवलन के साथ की। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मनमोहक स्वागत गीत ने कार्यक्रम में गरिमामयी वातावरण का सृजन किया गया। अध्यक्षता करते हुए सी. एम. साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने की। पी.जी. रसायन विभाग के अध्यक्ष सह कार्यक्रम संयोजक डॉ. वी. डी. त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करने के क्रम में विषय प्रवेश कराते हुए कहा कि कार्बोहाइड्रेट हमारे स्वस्थ जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह मानव शरीर की प्रत्येक क्रिया में सक्रिय भूमिका निभाता है। उन्होंने इस व्याख्यान शृंखला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया शोध के प्रति छात्रों में रुचि जगाना और विज्ञान के नवीन आयामों से उन्हें अवगत कराना इसके मूल में है। कार्यक्रम के बिच दो पुस्तकों का लोकार्पण भी किया गया। पहली पुस्तक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आईपैक्स-25 पर आधारित है, जिसे प्रो. दिलीप कुमार चौधरी एवं डॉ. वी. डी. त्रिपाठी द्वारा संपादित किया गया है। दूसरी पुस्तक बेसिक आईटी टूल्स है, जिसे महाविद्यालय के भौतिकी विभाग के दिवंगत पूर्व सहायक प्राध्यापक डॉ. अजय कुमार ठाकुर एवं डॉ. वी. डी. त्रिपाठी ने मिलकर लिखा है। लोकार्पण के पश्चात मुख्य अतिथि प्रो. चौधरी ने अपने संबोधन में कार्बोहाइड्रेट के वैज्ञानिक महत्व और उसके संतुलित सेवन की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में संतुलित आहार का महत्व और भी बढ़ गया है, जिसके केंद्र में कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्त्व उपलब्ध हैं। मुख्य वक्ता के रूप में आईआईटी, पटना के प्रो. अमित कुमार ने प्रस्तावित विषय दैनिक जीवन में कार्बोहाइड्रेट विषय पर व्याख्यान देते हुए शरीर में ऊर्जा संरक्षण, प्रतिरक्षा प्रणाली, खाद्य पदार्थों में कार्बोहाइड्रेट की विविधता सहित औद्योगिक और औषधीय उपयोग से जुड़े वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तृत एवं रोचक व्याख्यान दिया। उन्होंने अपने व्याख्यान में इस बात को मुख्य रूप से रेखांकित किया। कार्बोहाइड्रेट आधारित जैव-अणु आने वाले समय में चिकित्सा विज्ञान, बायोटेक्नोलॉजी तथा पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने इस क्षेत्र को युवा शोधार्थियों के लिए असीम संभावनाओं भरा बताया। प्रश्नोत्तरी सत्र में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाएँ शांत कीं। प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने उनके द्वारा किए गये इस शैक्षणिक पहल में शिक्षकों की सकारात्मक भूमिका की सराहना करते हुए कहा ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करते हुए उनकी प्रतिभा को संपूर्णता प्रदान करती हैं। अपना विचार रखते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव- द्वितीय डॉ. मनीष कुमार ने कहा कि प्रधानाचार्य द्वारा शुरू किया गया यह शैक्षणिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर भविष्य में विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में नए अध्याय गढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। रसायन विभाग की शिक्षिका डॉ. निधि झा के संचालन में आयोजित कार्यक्रम के अंतिम सत्र में कन्टेक-25 परीक्षा में अव्वल आए शीर्ष पाँच स्थान पाने वाले छात्रों को मुख्य अतिथि के हाथों मेडल प्रदान कर उनका उत्साह एवं आत्मविश्वास बढ़ाया गया। धन्यवाद ज्ञापन विभाग के शिक्षक डॉ. ए. हरिनाथ ने किया। आयोजन को सफल बनाने में डॉ. शाकिर अहमद, डॉ. अनित कुमार, डॉ. फहीमुल हसन, डॉ. इरशाद अहमद, डॉ. गौतम कुमार साह, डॉ. पांशु प्रतीक, डॉ. आदित्य नाथ झा, शिवशंकर झा, डॉ. रोहित कुमार झा, प्रवीण कुमार झा,जयकांत कामती, जय नारायण यादव, कुमार राजर्षि, विकास कुमार, गोपाल सिंह, अनुपम शेखर सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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