
दरभंगा। जयपुर के मानसिंह स्टेडियम में खिलाड़ी त्रिलोक कुमार को मिले गोल्ड मेडल से न केवल ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय बल्कि समूचा बिहार राज्य गौरवान्वित हुआ है। राष्ट्रीय फलक पर 5000 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर त्रिलोक ने यह साबित कर दिया की प्रतिभा स्थान और सुविधाओं की मोहताज़ नहीं होती। यह बताते हुए खुशी हो रही है हमारा विश्वविद्यालय समूचे बिहार राज्य का एकमात्र और पहला विश्वविद्यालय है,जिसे स्वर्ण पदक मिला है। उक्त बातें कुलपति प्रो संजय कुमार चौधरी ने कहीं। शुक्रवार को कुलपति ने खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2025 के सभी विजेता खिलाड़ियों और स्पोर्ट्स टीम को शुभकामनाएं दीं। मीडिया से मुखातिब होते हुए कुलपति ने बताया स्पोर्ट्स सेल अंतर्गत खिलाड़ी स्पोर्ट्स कैलेंडर के अनुसार साल भर नागेंद्र झा स्टेडियम में कड़ी मेहनत से रिहर्सल करते हैं। प्रशासन की ओर से हम यह सुनिश्चित करते हैं हमारे बच्चों को सभी प्रकार की सुविधाएं सुलभ हों। इस बाबत खेल जगत से संबद्ध बेहतरीन कोच को भी हायर किया जाता है। राजस्थान के प्रमुख शहरों में 24 नवंबर से 5 दिसंबर तक आयोजित प्रतियोगिता में इस बार सीतामढ़ी के रहने वाले त्रिलोक कुमार के अलावा महिला कबड्डी टीम ने सिल्वर मेडल प्राप्त किया है। साथ ही 3000 मीटर स्टेपलचेस में विकास कुमार राय ने कांस्य पदक अपने नाम किया है। मेरी कोशिश होगी कि लोक भवन कार्यालय को पत्र लिखकर महामहिम कुलाधिपति महोदय के कर कमलों द्वारा अपने खिलाड़ियों को सम्मानित और आशीर्वाद दिलाएं। बता दें, बिहार राज्य के चांसलर ट्रॉफी में लनामिवि की महिला टीम विजेता और पुरुष टीम उपविजेता भी रही चुकी है। कुलपति ने अपने बेहतरीन खिलाड़ियों को सभी प्रकार की स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं को मुहैया करने के साथ ही स्टेडियम और स्पोर्ट्स इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्वविद्यालय का परचम लहराने वाले खिलाड़ियों को सुविधा संपन्न और सशक्त बनाने के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय बिहार के चार जिलों में अपने शैक्षणिक अंगीभूत और संबद्ध महाविद्यालयों के माध्यम से उच्च शिक्षा क्षेत्र में क्रियान्वित है। ऐसे में बेगूसराय से लेकर सुदूर नेपाल देश की सीमा से विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय में पढ़ते हैं। अंत में कुलपति ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश, राज्य और विश्वविद्यालय का नाम रौशन करने का आशीर्वचन दिया।