डेस्क :खिसयानी बिल्ली खंभा नौचे। बिहार चुनाव में भीषण पराजय के बाद कांग्रेस की यही हालत हो गई है। चुनावी जीत के लिए भ्रष्टाचार और जंगलराज से समझौता करने वाली कांग्रेस हार की खीझ चुनाव आयोग पर निकाल रही है। यह पहला मौका नहीं है कि जब कांग्रेस ने अपनी गिरेंबां में झांकने के बजाए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर अपनी हार का ठीकरा फोड़ने का प्रयास किया है। संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कांग्रेस की इस हरकत के लिए देश के प्रबुद्ध जनों ने फटकारा है। देश के 272 प्रतिष्ठित नागरिकों ने एक पत्र लिखकर राहुल गांधी की आलोचना की है। यह पत्र लिखने वालों में 16 जज, 123 रिटायर नौकरशाह (जिनमें 14 राजदूत शामिल हैं) और 133 रिटायर सशस्त्र बल अधिकारी शामिल हैं। सभी ने एक खुला पत्र लिखकर विपक्ष के नेता और कांग्रेस पार्टी द्वारा भारत के चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने के प्रयासों की निंदा की है।
