
दरभंगा| मां श्यामाना मधुन नवाह यज्ञ का बुधवार को समापन हो गया। इस अवसर पर मां श्यामा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नवाह यज्ञ के अंतिम दिन श्यामा मंदिर में आस्था का सैलाब देखने को मिला। पूरा मंदिर परिसर मां श्यामा के जयकारों से गूंजने लगा। पिछले नौ दिनों से चल रहे दुर्गा सप्तशती पाठ का भी समापन किया गया। नवाह यज्ञ के साथ शुरू हुए अखंड हवन की भी पूर्णाहुति दी गई। भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ मां श्यामा मंदिर के साथ ही हवन कुंड की भी परिक्रमा की। पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ था। मन में आस्था का सैलाब लिए लोगों की जुबान पर बस जय श्यामा माई के बोल थे। वैदिक मंत्रों के बीच नवाह यज्ञ का समापन दिन के डेढ़ बजे किया गया। इसके बाद घंटों तक कीर्तन मंडलियों ने अपनी प्रस्तुतियों से पूरे माहौल को भक्ति के रस से सराबोर कर दिया। इस अवसर पर शहर के विभिन्न मंदिरों में पूजा-अर्चना करनेवाले 108 पुजारियों को सम्मानित किया गया। विनोद शर्मा के संयोजन में खाटू श्याम मंडली के भजनों ने उपस्थित जनसमूह को आनंदित कर दिया। प्रख्यात शंख वादक विपिन मिश्र के पुत्रों ने मनोहारी श्यामा मंदिर में बुधवार मां श्यामा नामधुन नवाह यज्ञ के समापन के दौरान उमड़ी भक्तों की भीड़। शंखवादन की प्रस्तुति मां श्यामा न्यास समिति के अध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र मोहन झा की अध्यक्षता में आयोजित समापन समारोह में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो. संजय कुमार चौधरी, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.लक्ष्मी निवास पांडेय, एम्स, दरभंगा के निदेशक डॉ. माधवानन्द कार, डॉ.स्मृति, विद्यापति सेवा संस्थान के महासचिव डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू आदि गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। मां श्यामा न्यास समिति के उपाध्यक्ष पं. कमलाकांत झा के संचालन में समारोह में डॉ. ममता ठाकुर, डॉ. सुषमा झा एवं अनुपमा मिश्र की भक्तिमय प्रस्तुतियों के साथ अंकित राज की भव्य आरती हुई। बच्चों ने बांधा समां सृष्टि फाउंडेशन के बच्चों ने जयप्रकाश पाठक के सानिध्य में कार्यक्रम प्रस्तुत किया। आरुषि गुप्ता, वर्षा कुमारी,माही गुप्ता, पलक राज, अंतरा चौधरी पल्लवी कुमारी ने महिषासूर व माता दुर्गा पर नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। माता दुर्गा की वंदना व महिषासुर का वध ओडिशी नृत्य के माध्यम पेश किया। मां श्यामा मंदिर न्यास समिति, दरभंगा द्वारा आयोजित नौ दिवसीय नवाह यज्ञ का आज भावपूर्ण माहौल में भव्य समापन हो गया। समापन पर मंदिर परिसर के चारों ओर श्रद्धालुओं का जन सैलाब उमड़ देखने को मिल रहा था। पिछले नौ दिनों से चल रहे नवाह यज्ञ धार्मिक अनुष्ठान भक्तों की आस्था और श्रद्धा का केंद्र बना रहा, उसके अंतिम दिन दर्शन-पूजन के लिए लोगों की भारी भीड़ देखी गई। यज्ञ के समापन अवसर पर सूर्योदय से ही श्रद्धालुओं की कतारें मंदिर के अंदर से लेकर मंदिर परिसर के बाहर तक फैल गई थीं। माता के जयकारों से पूरा इलाका गूंज रहा था। चारों तरफ भक्ति संगीत, शंख ध्वनि और हवन की सुगंध से वातावरण आध्यात्मिकता में डूबा हुआ दिखा। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया इस वर्ष समापन दिवस पर अनुमानित तौर पर अब तक की सबसे अधिक भीड़ देखी गई। मां श्यामा मंदिर को पूरे मिथिला क्षेत्र में अत्यंत चमत्कारी और सिद्धपीठ माना जाता है। मान्यता है कि यहां आने वाले भक्त जो भी मनोकामना लेकर माता के चरणों में शीश झुकाते हैं, वह मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। इस बार आयोजित नवाह यज्ञ में देश के विभिन्न राज्यों—उत्तर प्रदेश, झारखंड, दिल्ली, बंगाल, असम सहित कई प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।नवाह यज्ञ के दौरान प्रतिदिन सुबह-शाम विशेष पूजा, हवन, देवी-भागवत पाठ, भजन-कीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया गया। समापन दिवस पर मां को विशेष श्रृंगार किया गया और भक्तों ने बारी-बारी से दर्शन किए। समिति के कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने भीड़ को नियंत्रित करने तथा श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से दर्शन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की गई थी। प्रशासन की ओर से भी अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी प्रकार का अव्यवस्था न हो। यज्ञ आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया नौ दिनों तक चले इस पावन कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से भाग लिया। कई भक्तों ने अनुष्ठान में अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए विशेष आहुतियां भी समर्पित कीं। समिति ने भक्तों के लिए जल, प्रसाद और चिकित्सा व्यवस्था भी की थी, जिससे किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो। मंदिर परिसर में लगे मेले मे उत्साह देखने को मिल रहा था, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने स्थापित धार्मिक और सांस्कृतिक दुकानों का आनंद लिया। समापन के बाद भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समापन कार्यक्रम के बाद समिति की ओर से बताया गया कि अगले वर्ष इस यज्ञ को और अधिक व्यापक स्तर पर आयोजित करने की तैयारी रहेगी। भक्तों की बढ़ती आस्था और भीड़ को देखते हुए व्यवस्थाओं के विस्तार पर भी विचार किया जा रहा है। मां श्यामा मंदिर में नौ दिवसीय नवाह यज्ञ का यह आयोजन भक्तों की आस्था, विश्वास और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उदाहरण बन गया। समापन दिवस पर उमड़ी अप्रत्याशित भीड़ ने एक बार फिर सिद्ध कर दिया कि मां श्यामा मंदिर मिथिला की आध्यात्मिक और धार्मिक पहचान का केंद्र है। नवाह यज्ञ के संबंध में जो जानकारी मिली है उसके अनुसार यज्ञ का इस वर्ष 48 वाँ वर्ष है और यज्ञ में लगातार श्रद्धालुओं की हर वर्ष भीड़ बढ़ती ही जाती है श्रद्धालुओं की आस्था है। बुधवार की देर शाम इस नवाह के समापन मे आए अतिथियों और आयोजन मे सहयोग देने वाले सभी सदस्यों को सम्मानित किया गया। ललित नारायण मिथिला विशवविद्यालय के कुलपति, प्रो. संजय कुमार चौधरी, कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विशवविद्यालय के कुलपति, प्रो लक्ष्मी निवास पाण्डेय, पूर्व कुलपति प्रो एस एम झा, बैद्यनाथ चौधरी बैजू, प्रवीण कुमार झा, डॉ स्मृति स्पर्श, सचिन राम, पार्षद नवीन कुमार सिन्हा, पूर्व पार्षद मधुबाला सिन्हा, प्रोफेसर सह वरिष्ठ पत्रकार, रविभूषण चतुर्वेदी, पंडित कमलाकांत झा, अशोक नायक, राजीव प्रकाश मधुकर , राकेश झा, प्रो. ठाकुर जी सहित सभी का स्वागत व सम्मानित किया गया।