डेस्क :बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक एवं अनूठी जीत ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करिश्माई व्यक्तित्व, गृहमंत्री अमित शाह की चुनावी रणनीति और उनकी जनस्वीकार्यता आज भी भारतीय राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाती है। यह जीत सिर्फ एक गठबंधन की सफलता नहीं, बल्कि बिहार के भविष्य की नई रूपरेखा का संकेत है। नीतीश कुमार के अनुभवी नेतृत्व, भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और उभरते हुए युवा सितारे चिराग पासवान के प्रभावी प्रदर्शन ने मिलकर इस चुनाव को एनडीए के पक्ष में एक मिसाल बना दिया। एनडीए की जीत के पीछे उनके 10 प्रमुख वादे हैं जिनमें पंचामृत गारंटी, रोजगार सृजन, मुफ्त शिक्षा, महिलाओं के लिए योजनाएं, कृषि सुधार और बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। इस बार के चुनाव इसलिये भी ख़ास रहे क्योंकि 1951 के बाद बिहार में इस बार सबसे ज्यादा वोट पड़े।
