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काशी में उत्तर-दक्षिण को जोड़ने वाली नई धर्मशाला, उपराष्ट्रपति बोले- ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना

डेस्क :उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णनननन ने कहा कि धर्म को कुछ समय के लिए संकट हो सकता है, लेकिन वह कभी स्थायी नहीं होता। आज धर्म की विजय हुई है, यह इमारत (धरमशाला) उसी की साक्षी है। राधाकृष्णन ने कहा कि 25 वर्ष पूर्व जब मैं काशी आया था, तब मैं मांसाहारी था। गंगा स्नान के बाद जीवन में इतना परिवर्तन आया कि मैंने शाकाहार अपना लिया। काशी एक बार फिर आस्था, संस्कृति और एकता के अद्भुत संगम की साक्षी बनी है।

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