मुख्य बिंदु
गाज़ा को आतंक-मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा, जो पड़ोसियों के लिए ख़तरा न हो। गाज़ा का पुनर्निर्माण स्थानीय जनता के लाभ के लिए होगा। प्रस्ताव स्वीकार होने पर युद्ध तुरंत रुकेगा, आईडीएफ पीछे हटेगी और बंधक रिहा होंगे। इज़रायल को 72 घंटे में सभी बंधक (ज़िंदा/मृत) लौटाने होंगे। बदले में इज़रायल 250 उम्रकैद कैदी और 1700 ग़ाज़ावासियों को छोड़ेगा। हथियार छोड़ने वाले हमास सदस्यों को माफी और बाहर जाने वालों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा। भारी मानवीय मदद तुरंत गाज़ा में भेजी जाएगी। राहत सामग्री का वितरण UN व अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के ज़रिए होगा। गाज़ा में अस्थायी तकनीकी-प्रशासकीय समिति शासन करेगी, जिसकी निगरानी “Board of Peace” करेगा, जिसका नेतृत्व ट्रंप करेंगे। ट्रंप आर्थिक विकास योजना के तहत गाज़ा का पुनर्निर्माण होगा, स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन बनेगा। गाज़ा से किसी को निकाला नहीं जाएगा, रहना या बाहर जाना स्वेच्छा से होगा। हमास/अन्य गुट शासन में कोई भूमिका नहीं निभाएंगे, हथियारबंदी की प्रक्रिया होगी। क्षेत्रीय साझेदार सुरक्षा की गारंटी देंगे। एक International Stabilization Force (ISF) गाज़ा में तैनात होगी, जो स्थानीय पुलिस को ट्रेन करेगी और सीमाएँ सुरक्षित करेगी। इज़रायल गाज़ा पर कब्ज़ा या विलय नहीं करेगा, आईडीएफ चरणबद्ध तरीके से पीछे हटेगी। अगर हमास प्रस्ताव अस्वीकार करे तो ISF-आईडीएफ आतंक-मुक्त क्षेत्रों में काम करेंगे। Interfaith dialogue से मानसिकता और कथाओं को बदला जाएगा। भविष्य में यह फ़िलिस्तीनी राज्यत्व और आत्मनिर्णय का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। अमेरिका इज़रायल-फ़िलिस्तीन वार्ता शुरू करेगा ताकि स्थायी शांति का रास्ता बने।
