डेस्क :जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी समूहों के लिए ड्रोन नए ‘ओवर ग्राउंड वर्कर्स’ (ओजीडब्ल्यू) के रूप में उभरे हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के बीच चिंता पैदा हो गई है क्योंकि निगरानी और रसद के लिए मनुष्यों के नेटवर्क से मानव रहित वायु यानों की ओर यह बदलाव क्षेत्र के सुरक्षा परिदृश्य में एक नई चुनौती पैदा कर रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि ओजीडब्ल्यू की मानव नेटवर्क पर निर्भरता काफी कम हो गई है क्योंकि सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव के कारण उनमें से कई गिरफ्तार हो गए हैं या छुप गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि मानव नेटवर्क से ड्रोन तकनीक की ओर यह बदलाव असमान युद्ध में एक नया आयाम है, क्योंकि पाकिस्तान की एजेंसी आईएसआई भी ड्रोन की मदद से आतंकवादियों को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार भेजने के अपने प्रयासों को तेज कर रही है
