राष्ट्रीय

7-8 साल की उम्र के छह बच्चों समेत 14 लोगों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया, दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

डेस्क :बाल मजदूरी करवाना भारत में अपराध होता है लेकिन कई बार परिस्थितियां ये अपराध करने पर मजबूर कर देती है। गरीब घर के बच्चे अपने परिवार का पेट पालने के लिए बेहद कम उम्र से ही काम करना शुरू कर देते हैं और कुछ लोग मौके का फायदा उठाकर उनसे कम पैसों में खूब काम करवाते हैं और प्रताड़ित करते हैं। बंधुआ मजदूरी से जुड़ा ताजा मामला महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले सामने आया है जहां फिल्मी स्टाइल में दो बच्चें बंधुआ मजदूरी के चुंगल से भाग निकले

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