डेस्क : भारत की जांच एजेंसी CBI को एक बड़ी कामयाबी मिली है. CBI ने 25 साल से फरार चल रही एक आर्थिक अपराधी मोनिका कपूर (Monica Kapoor) को अमेरिका में हिरासत में ले लिया है. CBI की एक टीम मोनिका को लेकर भारत के लिए रवाना हो चुकी है और उम्मीद है कि वे आज रात (9 जुलाई) को भारत पहुंच जाएंगे.
मोनिका कपूर पर अपने दो भाइयों के साथ मिलकर एक बड़ी धोखाधड़ी करने का आरोप है. यह मामला 1999 का है.
आरोप है कि मोनिका और उसके भाइयों ने मिलकर करीब 6,79,000 डॉलर (आज के हिसाब से करोड़ों रुपये) की धोखाधड़ी की.
उन्होंने ज्वेलरी के बिजनेस के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए. इन नकली कागजों का इस्तेमाल करके उन्होंने सरकार से कच्चे माल (जैसे सोना, हीरे) को बिना कोई टैक्स (ड्यूटी फ्री) दिए विदेश से भारत में लाने का लाइसेंस हासिल कर लिया.
इस धोखाधड़ी की वजह से भारत सरकार के खजाने को 6,79,000 डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान हुआ. जब यह मामला सामने आया तो मोनिका कपूर 1999 में ही भारत से अमेरिका भाग गई थी. भारत सरकार मोनिका को वापस लाने की कोशिश लंबे समय से कर रही थी.
भारत ने अमेरिका से मोनिका के प्रत्यर्पण (यानी किसी अपराधी को वापस अपने देश भेजने की प्रक्रिया) की मांग अक्टूबर 2010 में की थी. यह मांग भारत और अमेरिका के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि के तहत की गई. अमेरिका की एक अदालत ने मोनिका को भारत भेजने की मंजूरी दे दी.
मोनिका ने बचने के लिए यह दलील दी कि अगर उसे भारत भेजा गया तो उसे टॉर्चर किया जा सकता है. हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया और उसे भारत भेजने का आदेश जारी कर दिया. इसके बाद CBI की टीम ने अमेरिका जाकर मोनिका कपूर को अपनी हिरासत में लिया और अब उसे अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट से भारत लाया जा रहा है. 25 साल बाद अब मोनिका कपूर को भारत में अपने किए अपराधों के लिए कानून का सामना करना पड़ेगा.
