डेस्क :बांग्लादेश अब कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों की गिरफ्त में पूरी तरह आ चुका है। बांग्लादेश के शासन से लेकर प्रशासन तक के हर फैसले से स्पष्ट हो रहा है कि इस्लामिक कानूनों का ही वहां पालन हो रहा है और लोकतंत्र तथा धर्मनिरपेक्षता जैसे शब्द सिर्फ सजावट के लिए रह गये हैं। वैसे इस्लामिक कानूनों का पालन तक तो फिर भी ठीक था लेकिन अब बांग्लादेश अफगानिस्तान की राह पर बढ़ना चाह रहा है जो बड़े खतरे का संकेत है। हम आपको बता दें कि बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की ताजा कार्रवाई के तहत जमात-चर मोंई (Jamaat-e-Char Monai) नामक संगठन के शीर्ष नेता मुफ्ती सैयद मोहम्मद फैज़ुल करीम ने खुला ऐलान कर दिया है कि उनका संगठन बांग्लादेश को तालिबान-शासित अफगानिस्तान की तर्ज़ पर इस्लामी राज्य में बदलना चाहता है। यह बयान न केवल बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्षता पर हमला है, बल्कि दक्षिण एशिया में बढ़ते कट्टरपंथी उभार का भी संकेत देता है
