डेस्क: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए आर्थिक सहायता राशि बढ़ा दी है और अब इसमें किसी की मृत्यु होने पर उसके परिजनों को चार लाख रुपये के बजाय आठ लाख रुपए की सहायता मिलेगी। वहीं, फसल नुकसान पर मिलने वाले मुआवजे में भी 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है।
राज्य सरकार के एक बयान के अनुसार, इस फैसले से प्रदेश के 10 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना है। एक अप्रैल से चार नवंबर तक प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान की भरपाई भी संशोधित मानकों के अनुसार की जाएगी। बयान में का गया है कि नई दरों के तहत सिंचित क्षेत्रों में फसल नुकसान का मुआवजा 17 हजार से बढ़ाकर 22 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर और वर्षा आधारित क्षेत्रों में 8,500 से बढ़ाकर 11 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर कर दिया गया है। इसके अनुसार, बारहमासी फसलों और कृषि वानिकी के नुकसान पर सहायता 22,500 से बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की गई है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने पशुधन के नुकसान पर भी मुआवजा बढ़ाया है।
बड़े पशुओं की मृत्यु पर अब 50 हजार रुपए, बकरी, भेड़ और सूअर की मृत्यु पर 5,500 रुपए तथा घोड़े और खच्चर की मृत्यु पर 25,400 रुपए की सहायता मिलेगी। इसके अनुसार, मुर्गीपालकों को प्रति मुर्गी मिलने वाला मुआवजा भी बढ़ाकर 130 रुपए कर दिया गया है। सरकार ने क्षतिग्रस्त मकानों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए भी सहायता राशि बढ़ाई है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के लिए मैदानी क्षेत्रों में 1.85 लाख रुपए और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपए दिए जाएंगे। मैदानी क्षेत्रों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए 93 हजार रुपए की सहायता तय की गई है।


