नई दिल्ली

चावड़ी बाजार में इमारत गिरने का मामला : दो लोगों की मौत को लेकर तीन ठेकेदार गिरफ्तार, बचाव अभियान जारी

डेस्क: दिल्ली पुलिस ने बताया कि दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में निर्माणाधीन इमारत गिरने के मामले में तीन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया गया है। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई है। मलबे में दबे लोगों को खोजने के लिए शुक्रवार को भी बचाव अभियान जारी रहा। गिरफ्तार किए गए ठेकेदारों की पहचान सिराज, ताजुद्दीन और फुरकान के रूप में हुई है। ये सभी हरियाणा के फरीदाबाद जिले की तहसील दौज के गांव सिरोही के रहने वाले हैं। पुलिस ने बताया कि इस घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसके चलते इन ठेकेदारों को गिरफ्तार किया गया है।

पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में अजमेरी गेट के पास गली शीश महल और गली सेहतारा में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे ढह गई। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य लोग घायल हो गए। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय किशोरी और 45 वर्षीय संजीत के रूप में हुई है। इससे पहले गुरुवार को उप-विभागीय मजिस्ट्रेट (SDM) मनोज कुमार ने बताया था कि इमारत के बेसमेंट में पांच लोगों के फंसे होने की आशंका है, जबकि चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और नगर निगम (MCD) के लगभग 30 कर्मी बचाव अभियान में जुटे हुए हैं। इमारत गिरने के संभावित कारण के बारे में बताते हुए कुमार ने कहा कि एक छोटे से प्लॉट पर चार मंजिला इमारत बनाई जा रही थी और संभव है कि कंक्रीट और मलबा पूरी तरह सूखने से पहले ही अस्थायी सपोर्ट (सहारे) हटा दिए गए हों। उन्होंने बताया, ‘एक छोटे से प्लॉट पर चार मंजिला इमारत बनाई गई थी। ऐसा लगता है कि मलबे/कंक्रीट के गीले रहते ही सेंट्रिंग (अस्थायी सहारा) हटा दी गई, जिसकी वजह से इमारत ढह गई। गीला मलबा अब जम गया है और बेसमेंट में फंसा हुआ है… आशंका है कि 5 लोग अंदर फंसे हुए हैं। फिलहाल NDRF और MCD के 30 कर्मी बचाव कार्य में लगे हुए हैं। चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।’
घटना के विवरण के अनुसार दूसरी और तीसरी मंजिल पर किए गए अवैध निर्माण के ढहने की आशंका है, जिसकी वजह से पूरी इमारत गिर गई। तंग और घनी आबादी वाला इलाका होने के कारण बचाव दलों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यह इमारत एक ऐसी गली के आखिर में है जो आगे जाकर बंद हो जाती है और मुश्किल से तीन फीट चौड़ी है। इस वजह से वहां गाड़ियां, बचाव ट्रक और भारी मशीनरी नहीं पहुंच सकतीं। नतीजतन बचाव कर्मियों, चिकित्सा कर्मचारियों और MCD के 30 से ज्यादा मजदूरों को पैदल ही घटनास्थल तक पहुंचना पड़ा। मलबे को मुख्य रूप से हाथों से हटाया गया, साथ ही बचाव कार्य को आसान बनाने के लिए छोटी मशीनों का भी इस्तेमाल किया गया।
इमारत ढहने के बाद बचाव दल और नगर निगम के अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और खोज व बचाव अभियान के लिए फ्लडलाइट्स लगाईं। रात भर बचाव कार्य चलता रहा क्योंकि अधिकारी मलबे के नीचे फंसे लोगों की तलाश कर रहे थे। इस बीच, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटना के बाद इलाके के असिस्टेंट इंजीनियर (AE) और जूनियर इंजीनियर (JE) को तुरंत सस्पेंड करने का आदेश दिया। उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज करने का भी निर्देश दिया। सुबह की तस्वीरों में घटनास्थल पर बचाव और अन्य काम जारी दिखाई दिए। पुलिस ने पहले बताया था कि इमारत के मालिकों और ठेकेदारों के खिलाफ BNS की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

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