बिना सूचना मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, नजारत की चाभी अपने पास रखने एवं सरकारी कार्यों को बाधित करने के आरोप में जिला पदाधिकारी ने की कार्रवाई
दो दिनों के अंदर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंभ करने का निर्देश
दरभंगा, 03 नवम्बर 2026 :- जिला पदाधिकारी, दरभंगा श्री कौशल कुमार ने गौड़ाबौराम प्रखंड कार्यालय में पदस्थापित निम्नवर्गीय लिपिक-सह-प्रभारी नाजिर श्री जटा शंकर झा को गंभीर अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी, गौड़ाबौराम द्वारा समर्पित प्रतिवेदन के अनुसार, श्री झा से पूर्व में उनके गैर-जिम्मेदाराना आचरण को लेकर स्पष्टीकरण की मांग की गई थी तथा उनका वेतन भी स्थगित किया गया था। इसके बावजूद उन्होंने निर्धारित समय-सीमा में स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया और बिना किसी पूर्व सूचना के लगातार प्रखंड मुख्यालय से अनुपस्थित रहे। कार्यालय द्वारा दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किए जाने पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
प्रतिवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि श्री झा कार्यालय से जाते समय नजारत की चाभी अपने साथ ले गए, जिसके कारण रोकड़ पंजी, महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेखों एवं कार्यालय के दैनिक वित्तीय लेन-देन से संबंधित कार्य बाधित हो गए। उनके इस आचरण से प्रखंड कार्यालय के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ आगामी जनगणना, निर्वाचन संबंधी प्रारंभिक तैयारियों तथा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा।
*जिला पदाधिकारी ने उक्त कृत्यों को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम 3 (1) (i), (ii) एवं (iii) के प्रतिकूल मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 की कंडिका-9 के उपनियम 1 (क) के तहत श्री जटा शंकर झा को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।*
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय अनुमंडल कार्यालय, बिरौल निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें प्रतिदिन अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। साथ ही, प्रखंड विकास पदाधिकारी, गौड़ाबौराम को श्री झा के विरुद्ध आरोप पत्र गठित कर दो दिनों के अंदर उपलब्ध कराने तथा अनुशासनिक कार्यवाही प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया है। निलंबन अवधि में नियमानुसार उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी कार्यों में लापरवाही, अनुशासनहीनता एवं जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को बाधित करने वाले किसी भी प्रकार के आचरण को गंभीरता से लिया जाएगा। सरकारी सेवकों से अपेक्षा है कि वे पूरी निष्ठा, जवाबदेही एवं अनुशासन के साथ अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन सुनिश्चित करें।


