डेस्क : दिल्ली में इस वर्ष 31 अक्टूबर तक डेंगू के 1,083 और मलेरिया के 355 मामले सामने आए हैं, हालांकि इन दोनों बीमारियों से किसी की मौत होने की सूचना नहीं है। दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। एमसीडी के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग की साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में 31 अक्टूबर को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान डेंगू के 90 और मलेरिया के 18 नये मामले दर्ज किए गए।
इस साल सामने आए डेंगू के कुल मामलों में से 964 मामले एमसीडी क्षेत्रों में दर्ज किए गए, जबकि 13 मामले नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) क्षेत्र में, 87 दिल्ली छावनी में और 19 रेलवे द्वारा दर्ज किए गए। इसी तरह, दिल्ली भर में मलेरिया के 355 मामले सामने आए, जिनमें से 346 मामले एमसीडी इलाकों में, तीन दिल्ली छावनी में और छह रेलवे के अंतर्गत दर्ज किए गए। एनडीएमसी इलाके में मलेरिया का कोई मामला सामने नहीं आया।
एमसीडी के विभिन्न जोन के अंतर्गत मध्य जोन में डेंगू के सबसे अधिक 135 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद नजफगढ़ में 129 और दक्षिण जोन में 115 मामले सामने आए। मलेरिया के मामलों में सिटी-एसपी जोन में सबसे अधिक 53 मामले दर्ज किए गए, इसके बाद मध्य और दक्षिण जोन में 49-49 तथा पश्चिम जोन में 35 मामले सामने आए। रिपोर्ट से यह भी पता चला है कि दिल्ली में 31 अक्टूबर तक चिकनगुनिया के 39 मामले दर्ज किए गए, जिसमें संबंधित सप्ताह के दौरान सामने आया एक नया मामला भी शामिल है।
नगर निकाय की रिपोर्ट के अनुसार, एक जनवरी से 31 अक्टूबर के बीच 38.27 लाख घरों में मच्छर रोधी दवाओं का छिड़काव किया। इस दौरान मच्छरों के पनपने की संभावनाओं का पता लगाने के लिए 3.66 करोड़ से अधिक बार घरों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान 2.21 लाख से अधिक घरों में मच्छरों के पनपने के अनुकूल परिस्थितियां पाई गईं और 1.48 लाख से अधिक कानूनी नोटिस जारी किए गए। इसके अलावा, इस अवधि में 30 हजार मुकदमे शुरू किए गए।


