डेस्क : ज्योतिष और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं में बुरी नजर को लेकर कई मान्यताएं प्रचलित हैं। कहा जाता है कि जब किसी व्यक्ति या घर को बुरी नजर लगती है, तो जीवन में परेशानियां बढ़ने लगती हैं। ऐसे में दिवाली की रात कुछ पारंपरिक उपाय करने की मान्यता है, जिनसे घर में सकारात्मकता और सुख-शांति का माहौल बना रहता है। नमक, कपूर, नारियल और दीपक से जुड़े ये उपाय सदियों से कई परिवारों की परंपरा का हिस्सा रहे हैं। आइए जानते हैं दिवाली की रात बुरी नजर से बचने के लिए किए जाने वाले 7 आसान उपाय।
नमक और पानी का उपाय
धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं में नमक को नकारात्मकता दूर करने वाला माना जाता है। इसके लिए एक कटोरी में पानी भरकर उसमें थोड़ा-सा समुद्री नमक मिलाएं। इसे दिवाली की रात घर के मुख्य दरवाजे के पास या किसी कोने में रख दें। मान्यता है कि नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोख लेता है। अगले दिन इस पानी को घर से बाहर फेंक दें। ध्यान रखें कि इसे बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर रखें।
लौंग और कपूर का धुआं
दिवाली की रात पूजा के बाद कपूर और लौंग जलाने की परंपरा कई घरों में निभाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे घर का वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मकता का संचार होता है। कुछ लोग कपूर के धुएं को घर के अलग-अलग हिस्सों में दिखाते हैं। हालांकि, ऐसा करते समय खिड़कियां खुली रखें और धुएं को सीधे सांस में लेने से बचें। आग से जुड़ी सभी सावधानियां भी बरतें।
हिंदू धर्म में नारियल को शुभ और पवित्र माना जाता है। बुरी नजर से बचने के लिए कुछ परिवारों में नारियल को घर के चारों ओर घुमाने की परंपरा है। इसके बाद इसे मंदिर में अर्पित किया जाता है या अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार विसर्जित किया जाता है। मान्यता है कि इस उपाय से घर की नकारात्मकता दूर होती है और सुख-शांति बनी रहती है।
मुख्य द्वार पर बांधें काला धागा या काली मिर्च
बुरी नजर से बचने के लिए मुख्य द्वार पर काला धागा या काली मिर्च बांधने की परंपरा भी प्रचलित है। मान्यता है कि इससे घर को बुरी नजर से सुरक्षा मिलती है। इसके साथ ही मुख्य दरवाजे पर हल्दी और सिंदूर से स्वस्तिक बनाना भी शुभ माना जाता है। इसे घर में मंगल और समृद्धि के स्वागत का प्रतीक माना जाता है।
गंगाजल का छिड़काव करें
दिवाली की पूजा के बाद घर में गंगाजल छिड़कने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गंगाजल को पवित्र माना जाता है और इसका छिड़काव घर के वातावरण को शुद्ध करने का प्रतीक है। आप पूजा स्थल, मुख्य द्वार और घर के अन्य हिस्सों में श्रद्धापूर्वक गंगाजल छिड़क सकते हैं।
घर के मुख्य द्वार पर जलाएं दीपक
दिवाली पर दीप जलाने का विशेष महत्व है। इस दिन घर के मुख्य द्वार, आंगन और पूजा स्थल पर दीपक जलाए जाते हैं। धार्मिक मान्यता है कि दीपक की रोशनी अंधकार और नकारात्मकता को दूर करके सुख-समृद्धि का स्वागत करती है। कई परिवारों में 11, 21 या 31 दीपक जलाने की परंपरा भी है। दीपक हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखें और उन्हें जलता हुआ अकेला न छोड़ें।
हिंदू धर्म में पीपल के पेड़ को पूजनीय माना गया है। दिवाली अमावस्या के दिन कुछ लोग पीपल के पेड़ में जल अर्पित करते हैं और उसके पास सरसों के तेल का दीपक जलाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा करना शुभ माना जाता है। यदि आप पेड़ के नीचे दीपक जलाते हैं, तो आग से बचाव का ध्यान रखें और आसपास सूखी पत्तियां या ज्वलनशील चीजें न हों। रात में सुनसान जगह पर जाने से भी बचें।
दिवाली पर इन उपायों के साथ रखें सकारात्मक सोच
दिवाली खुशियों, रोशनी और नई शुरुआत का त्योहार है। बुरी नजर से बचने के ये उपाय धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिनका वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। आप अपनी आस्था और पारिवारिक परंपरा के अनुसार इन्हें अपना सकते हैं। त्योहार के मौके पर घर की साफ-सफाई रखें, सुरक्षित तरीके से दीपक जलाएं और परिवार के साथ खुशियां बांटें।


