डेस्क: मशहूर पंजाबी गायक-अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने शुक्रवार को दिल्ली में अपने लाइव कॉन्सर्ट के दौरान एक महिला पुलिस अधिकारी के साथ एक भावुक पल साझा किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों की सेवा के लिए उन्हें सलाम किया और कहा कि उस अधिकारी को देखकर उन्हें अपनी मां की याद आ गई। राष्ट्रीय राजधानी में परफॉर्म कर रहे दिलजीत ने अपनी परफॉरमेंस बीच में ही रोक दी ताकि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों का सम्मान कर सकें और दर्शकों से उनके लिए जोरदार तालियां बजाने की अपील की।
जब भीड़ ने तालियाँ बजाईं, तो दिलजीत ने पुलिसकर्मियों को सलाम किया और उनका आभार जताते हुए कहा, ‘अगर आप लोग यहां नहीं होते, तो हम सुरक्षित महसूस नहीं करते।’ इसके बाद उन्होंने वर्दी पहनी एक महिला अधिकारी के साथ एक भावुक पल साझा किया, जिन्हें उन्होंने मंच पर बुलाया था। गायक ने प्यार से उनके सिर पर हाथ रखा और बताया कि उन्हें उस अधिकारी में अपनी मां नजर आ रही हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं अपनी मां से साल में एक या दो बार ही मिल पाता हूं। लेकिन जब आप वहां खड़ी थीं, तो मुझे लगा कि मेरी मां खड़ी हैं।’
उन्होंने आगे कहा, ‘आज मेरी मां ने मुझे फोन किया था। उन्होंने कहा, ‘अपना ख्याल रखना।’ मैंने कहा, ‘सब अच्छा होगा, चिंता मत करो।’ आज आपको देखकर मुझे लगा कि मेरी मां ही मेरे साथ खड़ी हैं।’ गायक ने अपने कॉन्सर्ट को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए पूरी पुलिस टीम की कोशिशों की भी सराहना की।
कॉन्सर्ट के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर दिलजीत ने दिल्ली के अपने प्रशंसकों को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली के प्रशंसकों को बहुत-बहुत प्यार। दिल्ली पुलिस, CRPF, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) और बुकमाईशो लाइव (BookMyShow Live) का शुक्रिया। ढेर सारा प्यार!’ पुलिसकर्मियों के प्रति उनके इस व्यवहार को ऐसे समय में देखा जा रहा है, जब दिल्ली पुलिस हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई कुछ झड़पों की वजह से चर्चा में रही है।
जुलाई में संसद की ओर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में निकाले गए मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई झड़पों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन टकरावों के दौरान पुलिसकर्मियों पर बल के अत्यधिक प्रयोग के आरोप लगे जबकि वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हाथापाई भी देखी गई। बताया गया है कि भीड़ को नियंत्रित करने की ड्यूटी के दौरान दिल्ली पुलिस के कर्मियों (जिनमें महिला अधिकारी भी शामिल थीं) को शारीरिक हमले और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।


