दरभंगा

डॉ.भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में भारत की जनगणना

 

दरभंगा, 30 अक्टूबर, 2026:-समाहरणालय अवस्थित बाबा साहब डॉ.भीमराव अंबेडकर सभागार में जिलाधिकारी दरभंगा श्री कौशल कुमार की अध्यक्षता में भारत की जनगणना 2027 के द्वितीय चरण परिगणना को लेकर जिला,अनुमंडल एवं चार्ज स्तरीय पदाधिकारी का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

उल्लेखनीय है कि भारत की जनगणना 2027 स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है। राष्ट्रीय स्तर पर जनगणना केवल नागरिकों की संख्या की गिनती नहीं, बल्कि देश के सामाजिक, आर्थिक और जनसांख्यिकीय स्वरूप को समझाने का सबसे सशक्त व प्रामाणिक आधार है। जनगणना का यह व्यापक कार्य दो मुख्य चरणों में संपन्न कराया जाता है।

जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य निर्धारित समय सारणी के अनुसार 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक संचालित किया गया था।

जिले में यह कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। प्रथम चरण की यह सफलता जनगणना कार्य में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से संलग्न सभी पदाधिकारियों, पर्यवेक्षकों एवं शासकीय कर्मियों के अथक परिश्रम और बेहतर समन्वय का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के सफल समापन के उपरांत अब द्वितीय चरण यानी मुख्य जनसंख्या गणना (PE) की तैयारी प्रारंभ हो चुकी है, जो 25 जनवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 के मध्य प्रस्तावित है।

उन्होंने कहा कि जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक और आधुनिक है, जिसमें आंकड़ों के संकलन को पूर्णतः पेपरलेस, पारदर्शी एवं त्वरित बनाने हेतु पहली बार डिजिटल मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रविष्टि की जा रही है। इसके साथ ही आम नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं गणना (Self & Enumeration) करने का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है जो दिनांक 10 जनवरी 2027 से 25 जनवरी 2027 तक प्रस्तावित है।

जनगणना से प्राप्त आंकड़े राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि देश और राज्य स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आवास तथा अन्य लोक-कल्याणकारी योजनाओं की रूप-रेखा इन्हीं आंकड़ों के आधार पर तैयार की जाती है। आंकड़े जितने अधिक शुद्ध, वास्तविक एवं सटीक होंगे, निर्मित की जाने वाली योजनाएं भी उतनी ही प्रभावी सिद्ध होंगी। इस प्रकार के त्रुटिरहित आंकड़े तभी प्राप्त किए जा सकते हैं, जब गणना कार्य में लगे प्रत्येक पदाधिकारी एवं कर्मी जनगणना की विभिन्न अवधारणाओं, मानकों, परिभाषाओं एवं तकनीकी बारीकियों से भली-भांति अवगत रहेंगे।

द्वितीय चरण के सफल क्रियान्वयन, प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन और कर्मियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनाने के उद्देश्य से पदाधिकारियों एवं शासकीय कर्मियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम 30 अक्टूबर 2026 से 6 नवंबर 2026 तक कुल चार बैचों में आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण सत्र को व्यावहारिक एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से संचालित करने हेतु राज्य स्तर से दो मुख्य प्रशिक्षक श्री रोहित कुमार एवं श्री अमिताभ कुमार उपस्थित रहेंगे।

प्रथम चरण की उल्लेखनीय सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सुनियोजित प्रबंधन, बेहतर समन्वय और कर्तव्यनिष्ठा के बल पर किसी भी वृहद लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। अब उसी ऊर्जा, संकल्प और टीम भावना के साथ द्वितीय चरण (मुख्य जनसंख्या गणना) के क्रियान्वयन की आवश्यकता है।

प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी दक्षता, डिजिटल मोबाइल ऐप के सटीक उपयोग और नागरिकों की सक्रिय सहभागिता के समन्वय से ही त्रुटिरहित एवं प्रामाणिक आंकड़े सुनिश्चित किए जा सकते हैं।

जब प्रत्येक पदाधिकारी और गणना कर्मी पूर्ण निष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे,तो यह द्वितीय चरण भी न केवल समयबद्ध और निर्बाध रूप से संपन्न होगा,बल्कि देश की भावी नीतियों एवं समग्र विकास को एक ठोस और विश्वसनीय आधार भी प्रदान करेगा।

नगर आयुक्त गरिमा लोहिया ने कहा कि जनगणना के कार्य में न किसी व्यक्ति का डाटा न छुटे ताकि शुद्धिकरण में ज्यादा कार्य करना पड़े।

इस अवसर पर नगर आयुक्त गरीमा लोहिया, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी उदय नारायण प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आशिष अमन,जिला पंचायती राज पदाधिकारी पवन कुमार यादव, जिला शिक्षा पदाधिकारी विद्यानंद ठाकुर एवं अन्य उपस्थित थे।

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