डेस्क: फ्लाईदुबई (Flydubai) के कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smith Machhar) की सिर पर टांके लगे होने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में उनके सिर पर चोट के निशान और टांकों की लंबी कतार दिखाई दे रही है। लोग उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना कर रहे हैं। पिछले महीने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में हुई घटना के दौरान स्मित मच्छार ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद विमान और उसमें सवार 170 से अधिक यात्रियों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
UAE ने पायलट और क्रू को किया सम्मानित
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कैप्टन स्मित मच्छार और उनके साथी क्रू सदस्यों को फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II से सम्मानित किया है। यह UAE का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान है। दुबई मीडिया ऑफिस के अनुसार, दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस दौरान क्रू के साहस, जिम्मेदारी और पेशेवर रवैये की सराहना की गई।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्मित मच्छार की प्रशंसा कर चुके हैं। उन्होंने 170 से अधिक लोगों की जान बचाने में उनकी भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें सच्चा हीरो बताया था। गुजरात सरकार ने भी उन्हें विशिष्ट गुजरात गरिमा अवॉर्ड से सम्मानित किया है। वहीं, इजराइल की ओर से नागरिक बहादुरी के लिए राष्ट्रपति पुरस्कार देने का प्रस्ताव रखा गया है।
को-पायलट के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए थे स्मित
यह घटना 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई थी। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे। इसी दौरान स्मित मच्छार के को-पायलट ने उन पर कॉकपिट क्रैश एक्स से हमला कर दिया। हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई, जिसे कंपाउंड डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर बताया गया।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद स्मित मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इससे अन्य क्रू सदस्य अंदर पहुंच सके और हमलावर को-पायलट पर काबू पाने में मदद मिली। इस घटनाक्रम के दौरान विमान महज 30 सेकंड से भी कम समय में करीब 14,000 फीट नीचे आ गया।
सऊदी अरब में सुरक्षित उतारा गया विमान
घटना के बाद फ्लाईदुबई के दो अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला और उसे सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतार लिया। घायल स्मित मच्छार का पहले ताबुक के अस्पताल में उपचार किया गया। इसके बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए अबू धाबी ले जाया गया।
सिर पर गंभीर चोट लगने के बावजूद विमान की सुरक्षा में उनकी भूमिका की खबर सामने आने के बाद से उनकी बहादुरी की चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों के जरिए लोग उनके साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण को सलाम कर रहे हैं।


