डेस्क: भूटान के हिमालयी क्षेत्र में स्थित सिंताफू ग्लेशियर झील फटने (GLOF) की वजह से भारत के पूर्वोत्तर और पूर्वी मैदानी इलाकों पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल के उत्तरी जिलों और असम के निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आने की गंभीर चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर कई सीमावर्ती जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है।
संकोश नदी के तटीय इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशिथ प्रमाणिक के अनुसार, भूटान से आ रहे पानी के कारण संकोश नदी और उससे जुड़ी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क करते हुए तुरंत सुरक्षित ठिकानों पर जाने की सलाह दी गई है। उन्होंने बताया कि अगले 5 से 6 घंटों के भीतर झील का पानी मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता है, जिससे भीषण बाढ़ की आशंका बनी हुई है।
NDRF और SDRF तैनात
आपदा से निपटने के लिए राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को एक्टिव कर दिया गया है और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन के स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर तैनात हैं। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
घबराने की जरूरत नहीं
अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक (SP) अमित कुमार शॉ ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और धैर्य बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और भारतीय प्रशासनिक अधिकारी लगातार भूटानी प्राधिकारियों के संपर्क में हैं। पुलिस, जिलाधिकारी (DM), ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) और नागरिक सुरक्षा (Civil Defence) की टीम मिलकर मोर्चा संभाले हुए हैं।
हजारों लोगों का रेस्क्यू
प्रशासन अब तक 4,000 से 5,000 लोगों को सुरक्षित इलाकों में पहुंचा चुका है, जबकि कुल मिलाकर 6,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। स्थानीय स्कूलों को अस्थाई राहत शिविरों में बदल दिया गया है। शरणार्थियों के लिए सूखा राशन, पीने का साफ पानी और शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।
रेड अलर्ट बरकरार
ताजा जानकारियों के अनुसार, पानी के बहाव की गति में थोड़ी कमी दर्ज की गई है, लेकिन खतरे को देखते हुए सतर्कता कम नहीं की गई है। अधिकारी अगले कुछ घंटों तक जलस्तर पर नजर रखेंगे। फिलहाल संकोश नदी तंत्र (Sankosh River System) के आसपास के क्षेत्रों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी रखा गया है।
बाढ़ के संभावित खतरे वाले इलाके:
पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले और असम के धुबरी जिले में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
दार्जिलिंग की पहाड़ियों, अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों सहित उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में अलर्ट जारी किया गया है।


