डेस्क: दिल्ली में मतदाता सूची के ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि अब खत्म होने वाली है। ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के बाद सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए अब तक केवल 2.71 लाख आवेदन ही प्राप्त हुए हैं जिनमें सबसे अधिक आवेदन पश्चिमी दिल्ली से आए हैं। जो पात्र मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में जुड़वाना चाहते हैं, वे ‘फॉर्म 6’ का उपयोग करते हैं। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची से 47,56,722 मतदाताओं के नाम हटा दिए गए थे। इसके बाद 31 अगस्त से 27 अक्टूबर के बीच ‘फॉर्म 6’ के कुल 2,71,639 आवेदन प्राप्त हुए।
सबसे अधिक ‘फॉर्म 6’ आवेदन पश्चिमी दिल्ली से (33,377) आए। इसके बाद उत्तर-पश्चिम दिल्ली से 27,341, पूर्वी दिल्ली से 26,212, दक्षिण-पूर्व दिल्ली से 26,054 और उत्तर-पूर्व दिल्ली से 25,973 आवेदन प्राप्त हुए। ये आंकड़े ऐसे समय में सामने आए हैं जब सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों के लिए ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी होने के साथ शुरू हुई ‘दावे और आपत्तियां’ दर्ज कराने की प्रक्रिया 30 अक्टूबर को समाप्त होने जा रही है। इसी अवधि के दौरान दिल्ली में ‘फॉर्म 7’ के 20,654 और ‘फॉर्म 8’ के 1,02,149 आवेदन प्राप्त हुए। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में ‘फॉर्म 7’ के सबसे अधिक 3,152 आवेदन आए जबकि ‘फॉर्म 8’ श्रेणी में उत्तर-पूर्व दिल्ली सबसे आगे रहा, जहां से 13,373 आवेदन प्राप्त हुए।
‘फॉर्म 7’ का उपयोग मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए किया जाता है जबकि ‘फॉर्म 8’ का उपयोग विवरण में सुधार या बदलाव के लिए किया जाता है। 30 जून को पुनरीक्षण (रिवीजन) शुरू होने से पहले 1.45 करोड़ मतदाता थे जबकि ड्राफ्ट मतदाता सूची में 97,53,577 मतदाताओं के नाम शामिल थे। जिन 47.5 लाख मतदाताओं के पंजीकरण फॉर्म जमा नहीं हुए थे, उन्हें ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटा दिया गया।
इसके अलावा 33,14,032 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में तो थे, लेकिन उनके रिकॉर्ड में मैपिंग से जुड़ी समस्याओं या तार्किक विसंगतियों (लॉजिकल विसंगतियों) के कारण उन्हें चिह्नित (फ्लैग) किया गया था। 27 अक्टूबर तक चुनाव अधिकारियों ने 31,26,576 नोटिसों का निपटारा कर दिया था, जो कुल नोटिसों का 94.34 प्रतिशत है। बाकी बचे नोटिसों का निपटारा 30 नवंबर तक किया जाना है। अंतिम मतदाता सूची 4 दिसंबर को प्रकाशित की जानी है।


