एक दिन पहले सुनवाई के दौरान अदालत में एक वकील को कथित तौर पर जेल भेजने की धमकी दी गई थी और पुलिस अधिकारी से माफी मांगने के लिए मजबूर किया गया था। इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने 27 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस बर्ताव पर आपत्ति जताई थी और अदालत के बहिष्कार की चेतावनी दी थी। अदालत ने इस घटना को गंभीर मानते हुए सीसीटीवी फुटेज के जरिए शामिल वकीलों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं।


