डेस्क: राजधानी दिल्ली में पशु कल्याण कार्यकर्ता जागृति मिश्रा के निर्माणाधीन एनिमल शेल्टर को तोड़े जाने के बाद खड़ा हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला गरमा गया, जिसके तुरंत बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जागृति मिश्रा से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सहायता देने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री राहत कोष’ से 5 लाख रुपये की वित्तीय मदद का ऐलान करने के साथ ही इस कार्रवाई में शामिल जिम्मेदार जूनियर इंजीनियर के खिलाफ सख्त जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। इस पूरी घटना ने दिल्ली में बेसहारा और घायल जानवरों की देखरेख में लगे कार्यकर्ताओं के सामने आने वाली प्रशासनिक चुनौतियों पर एक नई बहस छेड़ दी है।
बिना नोटिस कार्रवाई का आरोप
जागृति मिश्रा तब सुर्ख़ियों में आईं, जब उनके निर्माणाधीन एनिमल शेल्टर की बाउंड्री वॉल और कुछ हिस्सों को जेसीबी चलाकर ध्वस्त कर दिया गया। जागृति ने स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह बुलडोजर कार्रवाई बिना किसी पूर्व नोटिस या सूचना के की गई। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई के पीछे स्थानीय दबाव या अनुचित मांगों का हाथ हो सकता है। तोड़फोड़ के दौरान और उसके बाद जागृति की भावुक प्रतिक्रिया के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से शेयर किए गए, जिसके बाद पशु प्रेमियों और आम जनता ने इस कार्रवाई का जमकर विरोध किया।
कौन हैं जागृति मिश्रा और क्या है उनका मिशन?
जागृति मिश्रा एक प्रमुख पशु कल्याण कार्यकर्ता हैं, जो वर्षों से सड़कों पर घूम रहे बेसहारा, बीमार और घायल जानवरों के रेस्क्यू और इलाज के काम में जुटी हुई हैं। वह ‘स्ट्रीट वर्ल्डज़ ट्रस्ट’ नाम की संस्था चलाती हैं, जिसके तहत जानवरों को मेडिकल केयर और सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाता है। दिल्ली में निर्माणाधीन यह नया केंद्र विशेष रूप से ऐसे जानवरों के लिए तैयार किया जा रहा था जो गंभीर रूप से घायल हैं, पक्षाघात से पीड़ित हैं या खुद से चल-फिर नहीं सकते। इस शेल्टर का मुख्य उद्देश्य ऐसे असहाय पशुओं का दीर्घकालिक इलाज और देखभाल करना था।
पशु संरक्षण कार्यकर्ताओं के सामने खड़ी चुनौतियां
जागृति मिश्रा का यह मामला उन व्यावहारिक कठिनाइयों को उजागर करता है, जिनका सामना पशु कल्याण में लगे व्यक्तिगत कार्यकर्ताओं और एनजीओ को करना पड़ता है। जमीन की उपलब्धता, फंड की कमी, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक बाधाएं हमेशा से इनके काम में रोड़ा बनती रही हैं। जहां एक तरफ मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और दोषियों पर जिम्मेदारी तय होने की उम्मीद है, वहीं दूसरी तरफ जागृति मिश्रा की पहली प्राथमिकता जल्द से जल्द शेल्टर का पुनर्निर्माण कर बेसहारा जानवरों की देखभाल सुनिश्चित करना है।


