डेस्क: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 483 अंक चढ़कर बंद हुआ, जबकि निफ्टी में 153 अंकों से अधिक की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों की संपत्ति में 4.19 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का इजाफा हुआ। हालांकि, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक को लेकर निवेशकों की नजर आगे के बाजार रुख पर बनी हुई है।
सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार बढ़त
सोमवार को उतार-चढ़ाव के बीच बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 483 अंक की तेजी के साथ 73,606.75 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सूचकांक इसी स्तर पर दिन के उच्चतम स्तर पर भी पहुंचा। वहीं, एनएसई का निफ्टी 153.20 अंक बढ़कर 22,753.20 पर बंद हुआ। निफ्टी ने भी कारोबार के दौरान दिन का उच्चतम स्तर छुआ।
पिछले सप्ताह बाजार में दो प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में सोमवार की तेजी से निवेशकों को कुछ राहत मिली। बाजार में सुधार के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में करीब दो प्रतिशत की गिरावट को एक प्रमुख वजह माना जा रहा है। तेल की कीमतों में कमी से महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंताओं में कुछ राहत मिल सकती है।
अडानी पोर्ट्स और एटरनल के शेयरों में तेजी
सोमवार के कारोबार में अडानी पोर्ट्स, एटरनल और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों में करीब तीन प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। ट्रेंट, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स, इंडिगो, आईटीसी, बजाज फिनसर्व और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर भी दो प्रतिशत तक चढ़े।
इसके विपरीत, बजाज फाइनेंस और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में करीब एक प्रतिशत की गिरावट आई। व्यापक बाजार में भी तेजी का रुख रहा। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक एक प्रतिशत से अधिक बढ़े। हालांकि, बाजार की अस्थिरता को दर्शाने वाला इंडिया VIX करीब दो प्रतिशत बढ़कर 17.14 पर पहुंच गया।
निवेशकों की संपत्ति में 4.23 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी
शेयर बाजार में तेजी का असर कुल बाजार पूंजीकरण पर भी दिखाई दिया। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 4,51,83,393.14 करोड़ रुपए था। सोमवार को कारोबार समाप्त होने पर यह बढ़कर 4,56,02,438.15 करोड़ रुपए हो गया।
इस तरह एक कारोबारी सत्र में बाजार पूंजीकरण में 4,19,045.01 करोड़ रुपए की वृद्धि दर्ज की गई। बाजार पूंजीकरण में इस बढ़ोतरी को निवेशकों की संपत्ति में हुए इजाफे के रूप में देखा जाता है।


