डेस्क: विनायक दामोदर सावरकर के पौत्र सत्यकी सावरकर ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ उनके द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में बचाव पक्ष उनकी जिरह को लंबा खींच रहा है। उन्होंने यह आशंका भी जताई है कि उन पर नजर रखी जा रही है या उनका पीछा किया जा रहा है। सत्यकी सावरकर ने बुधवार को पुणे की विशेष सांसद-विधायक अदालत के न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) अमोल शिंदे के समक्ष एक लिखित आवेदन दिया। उनके वकील ने बताया कि इसमें आरोप लगाया गया है कि बचाव पक्ष करीब 10 महीने से उनकी जिरह लंबी खींच रहा है और ऐसे सवाल पूछ रहा है जो कार्यवाही से संबंधित नहीं हैं।
सत्यकी सावरकर ने अपने वकील संग्राम कोल्हटकर के माध्यम से दिए गए आवेदन में अदालत से अनुरोध किया है कि आरोपी राहुल गांधी को उनकी दिनचर्या, निजी व्यस्तताओं और सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति से जुड़े सवाल पूछने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों का शिकायत के विषय से कोई संबंध नहीं है। अधिवक्ता मिलिंद पवार करीब 10 महीने से सत्यकी सावरकर से जिरह कर रहे हैं। सत्यकी सावरकर ने आरोप लगाया कि कई बार सुनवाई होने के बावजूद बचाव पक्ष उनकी जिरह पूरी नहीं कर पाया है और न ही इसे पूरा करने के लिए कोई निश्चित समयसीमा बताई गई है। अदालत में दिए गए लिखित आवेदन में सत्यकी सावरकर ने कहा कि उनसे बार-बार विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति के बारे में सवाल पूछे जा रहे हैं। इससे उन्हें लगातार निगरानी में रखे जाने और उनका पीछा किए जाने की आशंका होने लगी है।
वकील के अनुसार, सत्यकी सावरकर ने दलील दी कि इस तरह की पूछताछ से उन्हें परेशानी और असुरक्षा का अहसास हो रहा है तथा यह उनके निजता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। सत्यकी सावरकर ने कहा कि वह एक सार्वजनिक हस्ती हैं और अपने प्रकाशन व्यवसाय की रोजमर्रा की गतिविधियों के सिलसिले में उन्हें व्यावसायिक प्रचार-प्रसार के लिए संगोष्ठियों, व्याख्यानों और अन्य कार्यक्रमों में शामिल होना पड़ता है। उन्होंने दलील दी कि उनके निजी जीवन और सामाजिक प्रतिबद्धताओं का मुकदमे से कोई संबंध नहीं है। अदालत में दिए गए लिखित आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जिरह के दौरान ऐसे स्वतंत्र सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंचों और राजनीतिक संगठनों से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनका मामले से कोई लेना-देना नहीं है। सत्यकी सावरकर ने दावा किया कि यह कार्यवाही का राजनीतिकरण करने और अदालत का समय बर्बाद करने की कोशिश है।
आवेदन में कहा गया है कि सत्यकी सावरकर ने जिरह के दौरान अप्रासंगिक और निजी सवाल पूछे जाने पर बार-बार आपत्ति जताई है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि इस तरह के सवालों पर रोक नहीं लगाई गई, तो कार्यवाही अनिश्चितकाल तक चल सकती है। सत्यकी सावरकर ने 2023 में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि राहुल गांधी ने उसी साल मार्च में लंदन में एक भाषण के दौरान हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर के बारे में मानहानिकारक टिप्पणी की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने गलत दावा किया था कि सावरकर ने अपनी एक किताब में लिखा था कि उन्होंने एक मुस्लिम व्यक्ति पर हमला किया था और ऐसा करके उन्हें खुशी मिली थी। सत्यकी सावरकर का कहना है कि सावरकर ने अपनी किसी भी रचना में ऐसा कुछ नहीं लिखा।


