डेस्क: रुपए में बुधवार को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में तेजी जारी रही और यह अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 19 पैसे मजबूत होकर 95.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के हस्तक्षेप से डॉलर की मांग कम होने और विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी पर अंकुश लगने से घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि रुपए में तेजी के साथ यह एक महीने के उच्चस्तर पर पहुंच गया।
आरबीआई के सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के उपायों के अलावा डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी सरकारी बॉण्ड पर प्रतिफल घटने से भी रुपए को समर्थन मिला। हालांकि, घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी ने रुपये की बढ़त को सीमित किया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.05 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.76 के उच्च स्तर तक गया और 95.19 के निचले स्तर तक आया।
कारोबार के अंत में रुपया 95.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव से 19 पैसे बढ़त है। रुपया मंगलवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में मजबूत हुआ था और 42 पैसे की बढ़त के साथ 95.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। पिछले चार कारोबारी सत्रों में रुपए में अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले कुल 171 पैसे की तेजी आई है।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ”हमें उम्मीद है कि रुपए में सकारात्मक रुख बना रहेगा। अत्यधिक सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए आरबीआई के हस्तक्षेप से रुपए को समर्थन मिल सकता है। डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉण्ड पर प्रतिफल में गिरावट भी रुपए के लिए सहायक हो सकती है।” इस बीच, बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों, विनिर्मित वस्तुओं तथा ईंधन एवं बिजली की कीमतें बढ़ने से सितंबर में थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति बढ़कर 11.39 प्रतिशत हो गई, जो अगस्त में 9.92 प्रतिशत थी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा था कि पिछले डेढ़ साल में रुपए में काफी गिरावट आई है और आरबीआई घरेलू मुद्रा में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के प्रयास जारी रखेगा। केंद्रीय बैंक ने रुपए की गिरावट पर अंकुश लगाने के लिए कई उपायों की 10 अक्टूबर को घोषणा की थी। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.05 प्रतिशत मजबूत होकर 102.23 पर कारोबार कर रहा था।


