डेस्क: कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना करने पर राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कांग्रेस नेता पर देश को ”गुमराह” करने का आरोप लगाया। भाजपा ने कहा कि संविधान विरोध करने का अधिकार देता है, न कि कानून तोड़ने का।
पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया संयोजक आशीष उषा अग्रवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि सत्ता हासिल करने के लिए सार्वजनिक जगहों को राजनीतिक लड़ाई का मैदान नहीं बनाया जा सकता। दिन में इससे पहले कॉजपा नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद राहुल ने मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया था।
राहुल गांधी ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है और इसके लिए युवाओं को जेल भेजना ”कायरता” का काम है। लोकसभा में विपक्ष के नेता ने यह भी कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और ”हम इसे वापस लेंगे।” अग्रवाल ने कहा, ”राहुल गांधी, देश को गुमराह करना बंद करें।” उन्होंने कहा कि संविधान विरोध करने का अधिकार देता है, न कि कानून तोड़ने का।
उन्होंने कहा कि कानूनी नियमों के अनुसार ही जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटाया गया है तथा कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। भाजपा नेता ने कहा, ”दशकों तक आपकी पार्टी और परिवार ने अनुच्छेद 370 का बचाव किया, जो जम्मू-कश्मीर के पूर्ण संवैधानिक एकीकरण में बाधा बना हुआ था।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने ही जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण किया और आज कश्मीर में तिरंगा गर्व से लहरा रहा है।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संविधान से चलता है, सड़कों से नहीं। अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार तड़के तीनों को उस समय हिरासत में लिया गया था जब वे कथित तौर पर अवरोधक पार कर जंतर-मंतर क्षेत्र में घुस गए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे।
पुलिस के अनुसार, शांति बनाए रखने के मुचलके के उल्लंघन और प्रदर्शन के लिए गैर-अधिसूचित क्षेत्र घोषित किए जा चुके जंतर-मंतर में जबरन घुसने के आरोप में दास और रांका को बुधवार को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया।


