डेस्क: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के चमरौहा समेत मानिकपुर तहसील के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों का दशकों पुराना इंतजार अब खत्म होने की उम्मीद जगी है। बरदहा नदी पर पुल निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 14 करोड़ 92 लाख रुपये की मंजूरी दे दी है। पुल बनने से बरसात के दौरान बाढ़ के कारण गांवों का संपर्क टूटने की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन भी सुगम होगा। मऊ-मानिकपुर क्षेत्र के विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी ने पुल निर्माण का मुद्दा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष उठाया था। चित्रकूट में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री से विधायक ने बरदहा नदी पर पुल बनवाने की मांग की थी। इसके बाद शासन ने पुल निर्माण के लिए 14.92 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की।
ग्रामीणों ने विधायक का किया स्वागत
पुल निर्माण को मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आते ही पाठा क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण विधायक अविनाश चंद्र द्विवेदी के आवास पहुंचे और फूल-मालाओं से उनका स्वागत कर आभार जताया। इस दौरान विधायक ने कहा कि बरदहा नदी पर पुल निर्माण की मांग करीब 80 वर्षों से चली आ रही थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इस समस्या को रखने के बाद पुल निर्माण की मंजूरी मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुल बनने से क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी।
बरसात में गांवों का संपर्क टूटने से मिलेगी राहत
पाठा क्षेत्र के भागीरथी पयासी, पूरन दास, पिंटू द्विवेदी और विपिन द्विवेदी ने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीण लंबे समय से बरदहा नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे थे। कई सरकारें आईं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। अब पुल निर्माण की मंजूरी मिलने से गांवों में विकास की नई उम्मीद जगी है। ग्रामीणों के मुताबिक, बरसात के मौसम में नदी में बाढ़ आने से आवागमन बाधित हो जाता है और कई गांवों का संपर्क दूसरे क्षेत्रों से कट जाता है। पुल बनने के बाद इस समस्या से राहत मिलने के साथ ही स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।


