मालवीय मिशन शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र द्वारा कामेश्वर सिंह।
दरभंगा: संस्कृत विश्वविद्यालय में 5 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक आयोजित 6 दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम के अन्तिम दिन चार सत्र चले, जिसमें सभी अध्यापकों ने उत्साह पूर्वक भाग ग्रहण किया।
प्रथम सत्र में जगदीश नारायण ब्रह्मचर्य आश्रम आदर्श संस्कृत महाविद्यालय लगमा के प्रधानाचार्य डॉ निरंजन मिश्र ने अकादमिक लेखन के संबंध में चर्चा की।
द्वितीय सत्र सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय वेरावल सोमनाथ दो जानकी शरण आचार्य सह प्राचार्य, दर्शन ने मिश्रित पद्धति अनुसंधान की रूपरेखा विषय पर आनलाइन माध्यम से बहुत ही ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया तथा गुणवत्तापूर्ण एवं मौलिक शोध कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
तृतीय सत्र में संकाय विकास कार्यक्रम में प्रतिभागी आचार्यों की परीक्षा ली गई तथा चतुर्थ सत्र में इस कार्यक्रम का समापन किया गया। समापन सत्र की अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो दिलीप कुमार झा ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में शोध की वर्तमान प्रासंगिकता एवं शोधकर्ताओं को साहित्यिक चोरी से बचने हेतु आकृष्ट किया। स्वागत भाषण कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी यदुवीर स्वरूप शास्त्री ने किया। संपूर्ण कार्यक्रम का प्रतिवेदन सह संयोजक डॉ छविलाल न्योपाने ने प्रस्तुत किया। मंच संचालन एवं सभी का धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम के संयोजक डॉ सुधीर कुमार ने किया। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों ने भाग लिया तथा सफल हुए।इस प्रकार यह कार्यक्रम आज सम्पन्न हुआ।


