दरभंगा

एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन

कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न एवं साइबर अपराध से बचाव को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

POSH Act, SHe-Box, Witness Protection Scheme एवं Victim Compensation Scheme की दी गई विस्तृत जानकारी

दरभंगा, 07 अक्टूबर 2026 :-महिला एवं बाल विकास निगम, दरभंगा के तत्वावधान में दरभंगा, समाहरणालय अवस्थित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर सभागार में *POSH Act, Cyber Security, Witness Protection Scheme एवं Victim Compensation Scheme* विषय पर एक दिवसीय गैर-आवासीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), दरभंगा, महिला एवं बाल विकास विभाग/ICDS तथा Centre Direct द्वारा संचालित KAWACH परियोजना के समन्वय से POSH, साइबर सुरक्षा एवं संरक्षण, पीड़ित मुआवजा (Victim Compensation) तथा बाल संरक्षण विषयों पर एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन अंबेडकर सभागार, दरभंगा में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पदाधिकारी श्री कौशल कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री जगुनाथ रेड्डी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सुश्री आरती कुमारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS) श्रीमती चांदनी सिंह, उपश्रम आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल श्री राकेश रंजन, बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक श्री अनिमेष कुमार चंद्रा तथा श्रम अधीक्षक श्री दिनेश कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि *POSH Act का अनुपालन केवल कानूनी औपचारिकता नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।* कानून के तहत 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले कार्यस्थल पर Internal Committee (IC) का गठन आवश्यक है। साथ ही, कर्मचारियों को अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने तथा शिकायतों के प्रभावी निवारण की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी संस्थानों की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि कार्यस्थल पर किसी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में महिलाओं को चुप रहने या भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। कानून शिकायत के लिए संस्थागत तंत्र उपलब्ध कराता है तथा जांच प्रक्रिया के लिए निर्धारित समय-सीमा भी तय की गई है। POSH Act के तहत जांच सामान्यतः 90 दिनों के भीतर पूरी की जानी है।

*Witness Protection Scheme के तहत साक्षियों की सुरक्षा पर जोर*

कार्यशाला के दौरान विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया। Victim Compensation के संबंध में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव सुश्री आरती कुमारी द्वारा पीड़ितों को उपलब्ध कानूनी सहायता एवं मुआवजा संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों एवं संबंधित संस्थानों के पदाधिकारियों एवं प्रतिनिधियों को महिलाओं की सुरक्षा, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, साइबर अपराध से बचाव तथा पीड़ितों एवं साक्षियों के अधिकार एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।

*Victim Compensation Scheme से पीड़ितों को पुनर्वास में सहायता*

सचिव, DLSA द्वारा *Victim Compensation Scheme* के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि अपराध से पीड़ित व्यक्ति को न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सा, पुनर्वास एवं आर्थिक सहायता की भी जरूरत हो सकती है।

राज्य सरकार द्वारा पीड़ित अथवा उसके आश्रितों को अपराध के कारण हुए नुकसान/चोट तथा पुनर्वास की आवश्यकता के आधार पर क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। निर्धारित परिस्थितियों में संबंधित State Legal Services Authority (SLSA) अथवा District Legal Services Authority (DLSA) द्वारा क्षतिपूर्ति की राशि निर्धारित की जा सकती है। इसका उद्देश्य पीड़ित को न्याय के साथ सम्मानजनक पुनर्वास एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

*POSH Act के प्रावधानों एवं SHe-Box पोर्टल की दी गई जानकारी*

राज्य परियोजना प्रबंधक सह नोडल पदाधिकारी, POSH Act-2013 श्रीमती अंकिता कश्यप द्वारा प्रशिक्षण के दौरान *कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013* के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि शारीरिक संपर्क अथवा अनुचित व्यवहार, यौन अनुग्रह की मांग, यौन रंग वाली टिप्पणियां, अश्लील सामग्री दिखाना अथवा किसी भी प्रकार का अवांछित मौखिक, शारीरिक या गैर-मौखिक यौन व्यवहार लैंगिक उत्पीड़न के दायरे में आ सकता है।

प्रशिक्षण के दौरान *SHe-Box (Sexual Harassment Electronic Box) पोर्टल* के संबंध में भी जानकारी दी गई। यह कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के लिए केंद्रीकृत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। इसके माध्यम से शिकायत दर्ज करने के साथ-साथ शिकायत की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक किया जा सकता है।

पोर्टल पर विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों की Internal Committees (ICs) एवं Local Committees (LCs) से संबंधित जानकारी उपलब्ध है। शिकायतों की निगरानी एवं लंबित मामलों की स्थिति देखने की सुविधा भी पोर्टल पर उपलब्ध है।

*साइबर अपराध से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील*

सेंटर डायरेक्ट से आई प्रशिक्षक श्रीमती अंतरा झा द्वारा साइबर सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि बैंकिंग, खरीदारी, सरकारी सेवाएं एवं संचार के क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ने के साथ *Phishing, Fake Links, OTP Fraud, Fake KYC Calls, Impersonation, Malware, Online Scam एवं Social Engineering* जैसे साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ रहा है।

प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा के लिए निम्न सावधानियां बरतने की सलाह दी गई—

* OTP, UPI PIN, ATM PIN एवं Password किसी के साथ साझा न करें।
* अनजान SMS, WhatsApp अथवा Email से प्राप्त लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें।
* बैंक अथवा सरकारी अधिकारी बनकर फोन करने वाले व्यक्तियों को संवेदनशील जानकारी न दें।
* किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर Remote Access App इंस्टॉल न करें।
* प्रत्येक महत्वपूर्ण खाते के लिए मजबूत एवं अलग Password का उपयोग करें।
* जहां संभव हो, Multi-Factor Authentication (MFA) सक्रिय रखें।
* मोबाइल एवं कंप्यूटर के Operating System तथा Apps को नियमित रूप से Update करते रहें।
* किसी भी संदिग्ध डिजिटल लेन-देन अथवा धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल संबंधित बैंक, पुलिस अथवा साइबर अपराध तंत्र को सूचित करें।

उन्होंने साइबर सुरक्षा का संदेश देते हुए कहा— *“सोचें, जांचें, फिर क्लिक करें।”*

सेंटर डायरेक्ट से आई प्रशिक्षक श्रीमती अंकिता भूषण द्वारा भी POSH Act-2013 के विभिन्न प्रावधानों एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों के संबंध में जानकारी दी गई।

*विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के पदाधिकारियों की रही सहभागिता*

कार्यक्रम में जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, सहायक समाहर्ता, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, ICDS, सहायक निदेशक बाल संरक्षण इकाई, श्रम आयुक्त, श्रम अधीक्षक, राज्य परियोजना प्रबंधक सह नोडल पदाधिकारी POSH Act-2013 श्रीमती अंकिता कश्यप, प्रशिक्षक श्रीमती अंतरा झा एवं श्रीमती अंकिता भूषण, जिला परियोजना प्रबंधक WCDC, जिला मिशन समन्वयक श्री ऋषि कुमार, केंद्र प्रशासक श्रीमती अजमतुन निशा, सभी प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, सेंटर डायरेक्ट के जिला समन्वयक राम विनय, कार्ड्स संस्था के समन्वयक सहित अन्य पदाधिकारी एवं जिला स्तरीय निजी संस्थानों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का समापन अपराह्न 03:00 बजे धन्यवाद ज्ञापन एवं अल्पाहार के साथ हुआ। धन्यवाद ज्ञापन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, ICDS, दरभंगा द्वारा किया गया।

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