डेस्क: दुबई (Dubai) से तेल अवीव (Tel Aviv) जा रहे फ्लाईदुबई (Flydubai) के विमान में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machar) पर सह-पायलट (Co-Pilot) के हमले के बाद इजरायल ने विमान को निशाना बनाने की तैयारी कर ली थी। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल को आशंका थी कि सह-पायलट विमान पर नियंत्रण हासिल कर उसे हाइजैक (Hijack) कर सकता है और 9/11 जैसी घटना को अंजाम देने के लिए किसी ऊंची इमारत को निशाना (Target) बना सकता है। इसी आशंका के चलते विमान की दिशा नहीं बदलने की स्थिति में उसे गिराने का प्लान तैयार किया गया था।
विमान में इजरायल के करीब 150 यात्री सवार थे। ऐसे में विमान को गिराने की कार्रवाई में उसमें मौजूद सभी यात्रियों की जान जाने का खतरा था, लेकिन इजरायल की आशंका थी कि विमान को किसी बड़े आबादी वाले इलाके या ऊंची इमारत से टकराने से रोकना हजारों लोगों की जान बचाने के लिए जरूरी हो सकता है। इसी संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए विमान को निशाना बनाने की तैयारी की गई थी।
घटना के दौरान विमान के कॉकपिट में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला किया। बताया गया कि ओमानी पायलट ने कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। शुरुआती समय में कॉकपिट के भीतर हुई इस घटना की जानकारी विमान में मौजूद अन्य लोगों को नहीं हो सकी।
हमले के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद क्रू मेंबर और कुछ यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंचे और सह-पायलट को काबू में किया। इस दौरान विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने नियंत्रण संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। विमान के सुरक्षित उतरने के साथ उसमें सवार 180 लोगों की जान बच गई।
घटना के बाद सह-पायलट की पृष्ठभूमि को लेकर भी जांच शुरू हुई है। ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां उस अवधि की उसकी गतिविधियों की जांच कर रही हैं, जब वह करीब एक दशक पहले ऑस्ट्रेलिया में रह रहा था। ऑस्ट्रेलियाई संघीय पुलिस के अनुसार, संघीय और राज्य पुलिस के साथ घरेलू खुफिया एजेंसी की संयुक्त आतंकवाद रोधी टीम उसके ऑस्ट्रेलिया से जुड़े संबंधों की जांच कर रही है।
सह-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात में हिरासत में लिया गया है। उस पर इजरायल जा रहे विमान को कथित तौर पर अपने नियंत्रण में लेने की कोशिश करने का आरोप है। न्यूजीलैंड की पुलिस ने भी बताया कि सह-पायलट कुछ समय न्यूजीलैंड में रहा था और वहां के अधिकारी भी उसके संबंध में जांच करेंगे।
मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक, सह-पायलट को वर्ष 2014 में ऑस्ट्रेलिया का छात्र वीजा मिला था। वह 2015 में विश्वविद्यालय के एक पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया पहुंचा था। इसके बाद वह 2017 में ऑस्ट्रेलिया से चला गया। अधिकारियों द्वारा यह पुष्टि किए जाने के बाद कि वह अब संबंधित पाठ्यक्रम में पंजीकृत नहीं था, वर्ष 2019 में उसका वीजा रद्द कर दिया गया था। विमान में हुई घटना के बाद अब ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में उसके पुराने संबंधों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।


