डेस्क: देवी अहिल्या मंच और पुण्याति वेलफेयर फाउंडेशन के तत्वावधान में हर साल की तरह इस साल भी नवरात्रि से पहले युवतियों व छात्राओं के लिए स्कूल व कॉलेजों में अहिल्या आत्मरक्षा शिविर के आयोजन किए जा रहे हैं, इसी क्रम में शासकीय आदिवासी कन्या छात्रावास में भी एक बड़े आत्मरक्षा कैम्प का आयोजन किया गया जिसमें सैंकड़ों युवतियों ने नवरात्रि में मनचलों को सबक सिखाने की ट्रेनिंग ली । अहिल्या मंच की अध्यक्ष डॉ मालासिंह ठाकुर के नेतृत्व में इस कैम्प में 100 से ज्यादा युवतियों को आत्मरक्षा के लिए प्रशिक्षित किया गया ।
दरअसल, नवरात्रि से पहले बहनों को सक्षम, सबल और समर्थ बनाने के उद्देश्य से अहिल्या मंच द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी आत्मरक्षा कैंप विभिन्न स्थानों पर लगाये जा रहे हैं, इसी तारतम्य में दसवां शिविर जनजातीय छात्रावास में आयोजित किया गया, जहाँ डांडिया से पहले डिफेंस सीखो, नवरात्रि पर मनचलों की खैर नहीं… जैसे नारों की गूंज के साथ सेल्फ डिफेंस ट्रेनर मनीष आर्य की अगुवाई में युवतियों को सेल्फ डिफेंस के टिप्स दिए गए और कैसे विपरीत परिस्थितियों में डटकर सामना करना है इसका प्रशिक्षण दिया गया । गौरतलब है कि हर साल इसी तरह से कॉलेजों व स्कूलों में छात्राओं को आत्मरक्षा सिखाई जाती है ताकि गरबा रास पांडालों से देर रात घर लौटते समय युवतियों को किसी भी तरह की विपरीत परिस्थितियों का सामना डटकर करने की सीख मिल सके । साथ ही जरूरत पड़ने पर मनचलों को सबक सिखाते हुए पुलिस थाने तक ले जाया जा सके । अब तक पुण्याति वेलफेयर फाउंडेशन के माध्यम से दस हजार से ज्यादा युवतियों को सेल्फ डिफेंस सिखाया जा चुका है और हर वर्ष ये आंकड़ा बढ़ता जा रहा है कि सुरक्षित नारी समाज का संकल्प पूरा किया जा सके और नवरात्रि पर्व पर बेटियां गरब प्रैक्टिस के साथ साथ सेल्फ डिफेंस में भी पारंगत बन सकें ।


