डेस्क: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को ऐसा संकट आया कि कुछ ही पलों में सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ गई. विमान के कॉकपिट में को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मिट मच्छार पर हमला कर दिया और उन्हें चाकू मार दिया. इसके बाद विमान तेजी से नीचे गिरने लगा. इसी अफरा-तफरी में यात्री यानिव हायून और अन्य कॉकपिट में पहुंचे, हमलावर को काबू किया और कुछ पल के लिए विमान के नियंत्रण अपने हाथ में ले लिए. बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक मोड़ दिया गया, जहां वह सुरक्षित उतरा. इस पूरे क्रैश को होने से बचाने में एक टीवी शो का नाम आ रहा है.
कॉकपिट में क्या हुआ?
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 बोइंग 737 थी और यह दुबई से तेल अवीव जा रही थी. उड़ान के दौरान कॉकपिट में कैप्टन स्मिट मच्छर और उनके को-पायलट के बीच हिंसक झड़प हो गई. को-पायलट ने कैप्टन पर चाकू से हमला किया. हमले में कैप्टन घायल हो गए और हालात इतने बिगड़ गए कि विमान तेजी से नीचे जाने लगा. बताया गया कि विमान करीब एक मिनट में अपनी ऊंचाई का लगभग आधा तक आ गया. कॉकपिट में लड़ाई सुनकर यात्रियों और चालक दल के एक सदस्य ने अंदर पहुंचने की कोशिश की. कॉकपिट का दरवाजा खोलना भी आसान नहीं था, क्योंकि घायल कैप्टन उसके पास दबे हुए थे. अंदर पहुंचने पर यानिव हायून ने देखा कि पायलट अपनी सीटों पर नहीं थे और हमलावर विमान के कंट्रोल के पास था.
यात्री ने हमलावर को दबोचा
यानिव हायून विमान का कोई कर्मचारी नहीं था. वह आम यात्री के तौर पर दुबई से तेल अवीव जा रहा था. लेकिन हालात देखकर वह कॉकपिट की ओर दौड़ा. हायून के मुताबिक, उसने कथित हमलावर को पकड़ लिया, उसकी गर्दन को जकड़कर काबू किया और उसे विमान के नियंत्रण से दूर खींच लिया. इसके बाद दूसरे यात्रियों ने भी उसकी मदद की और आरोपी को पकड़कर काबू में कर लिया. हायून ने बताया कि हमलावर विमान के कंट्रोल के पास था और उसे लगा कि वह विमान के उपकरणों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है. उस वक्त विमान का अगला हिस्सा नीचे की ओर झुका हुआ था और विमान तेजी से नीचे जा रहा था.
विमान का कंट्रोल खुद ही ले लिया
हमलावर को काबू करने के बाद भी खतरा खत्म नहीं हुआ था. विमान अब भी तेजी से नीचे जा रहा था. ऐसे में हायून दोबारा कॉकपिट में पहुंचे और विमान के कंट्रोल को पकड़ लिया. उन्होंने बताया कि उन्होंने कंट्रोल को पीछे की ओर खींचा. इसके बाद नीचे गिरने की जगह ऊपर जाने लगा. कुछ समय बाद विमान में मौजूद एक अन्य पायलट ने कंट्रोल संभाल लिया. इस पूरी घटना में विमान के नियमित चालक दल के साथ कुछ यात्रियों और विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने भी भूमिका निभाई. आखिरकार विमान को सऊदी अरब के तबूक की ओर मोड़ा गया और वहां सुरक्षित लैंडिंग कराई गई.
टीवी शो के कारण बच गया प्लेन
इजरायल लौटने के बाद यानिव हायून की मुलाकात प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से हुई. इसी मुलाकात में नेतन्याहू ने उनसे पूछा कि आखिर उन्हें विमान का कंट्रोल संभालने का तरीका कैसे पता था. हायून ने जवाब दिया, ‘मैं टीवी शो Air Crash Investigation देखता हूं.’ यही बात इस पूरी घटना का सबसे हैरान करने वाला हिस्सा बन गई. एयर क्रैश इन्वेस्टिगेश, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Mayday के नाम से भी जाना जाता है, विमान हादसों और उनकी जांच पर आधारित डॉक्यूमेंट्री सीरीज है. इसमें विमान दुर्घटनाओं को दोबारा दिखाया जाता है और कॉकपिट में घटनाक्रम को समझाया जाता है. हायून ने नेतन्याहू को बताया कि इसी कार्यक्रम को देखने से उन्हें पता चला कि इमरजेंसी में विमान के साथ क्या करना है.
खून से सनी शर्ट में नेतन्याहू के सामने पहुंचे
विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यानिव हायून दूसरे यात्रियों के साथ इजरायल लौटे. इसके बाद उन्होंने तेल अवीव एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान हायून वही कपड़े पहने हुए थे, जो उन्होंने विमान में हमलावर को काबू करते वक्त पहने थे. उनकी शर्ट पर खून के निशान दिखाई दे रहे थे. हायून ने कपड़ों पर लगे खून के लिए माफी मांगी तो नेतन्याहू ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया. नेतन्याहू ने हायून की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सिर्फ विमान में बैठे यात्रियों की ही नहीं, बल्कि कई और लोगों की जान बचाई.
कौन हैं यानिव हायून?
यानिव हायून कोई पायलट या विमान कर्मचारी नहीं हैं. नेतन्याहू से मुलाकात के दौरान उन्होंने बताया कि वह प्लंबर हैं. वह फ्लाईदुबई की इस उड़ान में आम यात्री के तौर पर सफर कर रहे थे. लेकिन जब प्लेन गिरने लगा तो वह उन यात्रियों में शामिल थे, जिन्होंने अंदर पहुंचकर हमलावर को पकड़ने में मदद की. इसके बाद विमान को नीचे जाने से रोकने के लिए उन्होंने कुछ समय के लिए नियंत्रण भी संभाला.


