घनश्याम राय का मुंगेर विश्वविद्यालय से इस्तीफा स्वीकार, अब दरभंगा शिक्षक सीट पर क्या बदलेगा?
मुंगेर विश्वविद्यालय की 1 अक्टूबर 2026 की अधिसूचना के अनुसार कुलपति ने डॉ. घनश्याम राय का रजिस्ट्रार पद से दिया गया इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और उन्हें 1 अक्टूबर की दोपहर से रजिस्ट्रार पद से मुक्त कर दिया गया है।
यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि डॉ. राय के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने को लेकर पहले एनओसी का सवाल उठ चुका था। 26 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार एलएनएमयू ने उनके चुनाव लड़ने से संबंधित एनओसी के मामले में राजभवन से मार्गदर्शन मांगा था। रिपोर्ट में यह भी बताया गया था कि डॉ. राय मूल रूप से एलएनएमयू के स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और प्रतिनियुक्ति/पदस्थापन के आधार पर मुंगेर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार बने थे।

इस्तीफा स्वीकार होने के बाद सबसे बड़ा सवाल
अब मुंगेर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद से उनकी विदाई हो चुकी है। ऐसे में स्वाभाविक रूप से सवाल उठ रहा है कि क्या इससे एनओसी से जुड़ा पेच खत्म होगा?
इसका सीधा जवाब अभी देना जल्दबाजी होगी। क्योंकि इस्तीफा मुंगेर विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पद से स्वीकार हुआ है, जबकि चुनाव लड़ने की पात्रता और एलएनएमयू से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया अलग विषय है। इसलिए राजभवन अथवा संबंधित विश्वविद्यालय की ओर से स्पष्ट आदेश आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ मानी जाएगी।
इधर दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर, नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर, नाम वापसी की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर और मतदान 23 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है।
डॉ. घनश्याम राय को जदयू ने 23 सितंबर को दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किया था। इस सीट से वर्तमान विधान परिषद सदस्य कांग्रेस के डॉ. मदन मोहन झा हैं। अब रजिस्ट्रार पद से इस्तीफा स्वीकार होने के बाद डॉ. राय के मामले में अगला निर्णायक कदम राजभवन या एलएनएमयू की स्थिति और नामांकन प्रक्रिया होगी। यानी आने वाले कुछ दिन इस चुनाव के लिहाज से खासे महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।


