डेस्क: पश्चिमी उत्तर प्रदेश (Western Uttar Pradesh)के गढ़मुक्तेश्वर (Garhmukteshwar)में गंगा नदी का जलस्तर(Ganga river water level) एक बार फिर बढ़ने से खादर क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। ब्रजघाट और गंगानगरी इलाके में मंगलवार शाम तक गंगा का जलस्तर 198.56 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी के निशान 198.33 मीटर से ऊपर है। नदी का पानी बढ़ने से आसपास के निचले इलाकों में समस्या फिर दिखाई देने लगी है और खेतों तक पानी पहुंचने से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
गांव काकाठेर की मढ़ैया की ओर खेतों में पानी पहुंचने की सूचना है। चकलठीरा गांव में भी फसलों तक पानी पहुंचने लगा है। जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के सामने एक बार फिर परेशानी खड़ी हो गई है। हालांकि प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। आने वाले दिनों में पानी कम होने की उम्मीद जताई गई है।
गंगा के बढ़ते पानी का असर सिर्फ खेतों और गांवों तक सीमित नहीं है। इसका सीधा असर गढ़मुक्तेश्वर में होने वाले कार्तिक पूर्णिमा मेले की तैयारियों पर भी पड़ सकता है। 14 नवंबर से शुरू होने वाले इस मेले में करीब 25 से 30 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने को देखते हुए प्रशासन पहले से तैयारियों में जुटने की योजना बना रहा है लेकिन गंगा का लगातार बढ़ता जलस्तर इन तैयारियों के सामने नई चुनौती बन गया है।
कार्तिक मेले के दौरान गंगा किनारे अस्थायी घाट बनाए जाते हैं। श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए अस्थायी रास्ते तैयार किए जाते हैं। इसके अलावा पुलिस व्यवस्था के लिए लाइन और प्रशासनिक अधिकारियों के कैंप भी लगाए जाते हैं। इन तमाम व्यवस्थाओं के लिए रेताली मैदान का इस्तेमाल किया जाता है। यदि गंगा का पानी इसी तरह बढ़ता रहा और मैदान के आसपास तक पहुंच गया तो मेला क्षेत्र के लिए उपलब्ध जमीन प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन के सामने अब दोहरी चुनौती है। एक तरफ खादर क्षेत्र में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखनी होगी तो दूसरी तरफ मेले के लिए जरूरी व्यवस्थाओं के लिए जमीन को सुरक्षित रखना होगा। गंगा किनारे अस्थायी घाट और रास्ते तैयार करने का काम भी जलस्तर पर निर्भर करेगा। पानी कम होने के बाद ही निर्माण और अन्य तैयारियों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
एसडीएम श्रीराम यादव के अनुसार पिछले तीन दिनों में बिजनौर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जलस्तर बढ़ा है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में जलस्तर सामान्य होने की उम्मीद है और इसके बाद कार्तिक मेले की तैयारियां शुरू कर दी जाएंगी। फिलहाल प्रशासन की निगाह गंगा के जलस्तर पर बनी हुई है। यदि पानी जल्द कम होता है तो मेले की व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी। लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही तो रेताली मैदान और गंगा किनारे होने वाली तैयारियों के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ सकते हैं।


