डेस्क: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो (निगरानी विभाग) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी दंपत्ति (अफसर कपल) के पटना और बेगूसराय स्थित ठिकानों पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई एडीएम (आपूर्ति) रविंद्र कुमार दिवाकर और उनकी पत्नी दानापुर की सब-रजिस्ट्रार स्वीटी कुमारी के आवासों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में की गई है। छापेमारी के दौरान अफसर कपल के शाही शौक और अकूत संपत्ति का खुलासा हुआ, जिसमें नोटों का ढेर, भारी मात्रा में सोने-चांदी के गहने तथा दर्जनों कीमती लग्जरी घड़ियां बरामद की गई हैं।
पटना और बेगूसराय में क्या-क्या हुआ बरामद?
निगरानी विभाग की टीम द्वारा पटना स्थित आवास और बेगूसराय के पोखरिया स्थित पैतृक आवास पर की गई संयुक्त छापेमारी में अब तक 1 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और करोड़ों रुपये के जेवरात बरामद किए जा चुके हैं। पटना आवास से 70 लाख रुपये नकद और 6 लाख रुपये कीमत की 48 लग्जरी घड़ियां बरामद हुई हैं। वहीं बेगूसराय के पैतृक आवास से 9 लाख रुपये नकद तथा सोने-चांदी के भारी गहने मिले हैं। इसके अलावा दोनों स्थानों से जमीन, मकान और वित्तीय निवेश से जुड़े कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
9 साल में बटोरी 3 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति
जांच में सामने आया है कि एडीएम रविंद्र कुमार दिवाकर ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपने और अपने परिजनों के नाम पर करीब 3 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति इकट्ठा की है:
अपने और पत्नी के नाम पर पटना में 1 करोड़ 7 लाख रुपये की कीमत के 2 फ्लैट खरीदे।
पत्नी और पिता के नाम पर पटना में 1 करोड़ 28 लाख रुपये कीमत के 3 प्लॉट लिए।
अपने और पिता के नाम पर बेगूसराय में 50 लाख रुपये मूल्य की जमीन खरीदी।
मशीनों से गिने गए नोट, डीआईजी की निगरानी में हुई कार्रवाई
बरामद नकदी की विशाल मात्रा को देखते हुए मौके पर नोट गिनने वाली मशीनें मंगवाई गईं। बेगूसराय में यह कार्रवाई निगरानी डीएसपी वासुदेव राय के नेतृत्व में हुई, जबकि पूरी रेड की निगरानी विजिलेंस विभाग के डीआईजी (DIG) की देखरेख में की गई। निगरानी विभाग की टीम ने जब्त नकद, आभूषण और जमीन के कागजात का सत्यापन शुरू कर दिया है और विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट आना अभी बाकी है।


