डेस्क: बिहार में बदलते राजनीतिक समीकरण के बीच विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने सोमवार को परिषद के सभापति पद से इस्तीफा दे दिया। सिंह ने अपने इस्तीफे के साथ जारी वक्तव्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में कार्यकर्ता के रूप में शुरू हुई अपनी राजनीतिक यात्रा, संगठन में निभाई गई जिम्मेदारियों और विधान परिषद में करीब तैंतीस वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए पार्टी नेतृत्व, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार जताया।
संगठन के विस्तार में निभाई सक्रिय भूमिका
अवधेश नारायण ने बिहार विधान परिषद के सभापति के पद से त्यागपत्र देने के साथ अपने वक्तव्य में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और राज्य में पार्टी संगठन के विभिन्न पदों पर काम करते हुए संगठन के विस्तार में सक्रिय भूमिका निभाई। सिंह ने कहा कि इस राजनीतिक यात्रा में केंद्र से लेकर राज्य तक के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं का उन्हें अपार स्नेह एवं सहयोग मिलता रहा। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ-साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के संगठन और सरकार के सभी नेताओं के प्रति उन्होंने आभार व्यक्त किया।
PM मोदी, नीतीश कुमार और सम्राट चौधरी का जताया आभार
सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति विशेष रूप से आभार जताया। उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार में उन्हें चार बार विधान परिषद का सभापति बनने का गौरव प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि इस दायित्व के निर्वहन में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पूरा स्नेह एवं सहयोग मिला। उन्होंने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
उल्लेखनीय है कि बिहार में भाजपा मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष तथा विधानपरिषद के सभापति तीनो पदों पर काबिज हैं। ऐसी स्थिति में अटकलें लगाई जा रही थी कि विधानपरिषद के सभापति का पद जनता दल यूनाइटेड (जदयू ) के हिस्से में जा सकता है। सिंह के इस्तीफे को उसी की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।


