डेस्क: वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) में ग्रहों (Planets) की स्थिति और उनके बीच बनने वाले योग का राशियों (Zodiac signs) पर विशेष प्रभाव माना जाता है। पंचांगीय गणना के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल एक-दूसरे से 90 डिग्री के कोण पर स्थित होंगे। ज्योतिष में इसे केंद्र दृष्टि योग (Square Aspect) कहा जाता है।
ज्योतिषीय मान्यता के मुताबिक बुध बुद्धि, तर्क, संवाद और व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम के कारक माने जाते हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों का यह संबंध निर्णय लेने की क्षमता, रणनीतिक सोच और कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है। इसका असर सभी 12 राशियों पर माना जाता है, लेकिन मिथुन, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ बताया गया है।
मिथुन राशि: करियर और कारोबार में मिल सकता है फायदा
मिथुन राशि के स्वामी बुध देव हैं। बुध और मंगल का केंद्र संबंध इस राशि के जातकों के करियर और आर्थिक स्थिति में बदलाव के संकेत दे सकता है। खासतौर पर मार्केटिंग, मीडिया, सेल्स, आईटी और लेखन से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहने की ज्योतिषीय मान्यता है।
तेज बुद्धि और प्रभावी संवाद शैली के दम पर कोई बड़ा सौदा हाथ लग सकता है। कारोबार में नए क्लाइंट जुड़ने से मुनाफा बढ़ने की संभावना है। इस दौरान बनाई गई योजनाओं के सफल होने और लंबे समय से अटके धन की वापसी के भी योग बताए जा रहे हैं।
कन्या राशि: जिम्मेदारी बढ़ेगी, काम की सराहना होगी
कन्या राशि पर भी बुध का आधिपत्य है। 2 अक्टूबर को बनने वाला बुध-मंगल संबंध इस राशि के कर्म भाव को सक्रिय करने वाला माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। किसी टीम का नेतृत्व करने का अवसर भी सामने आ सकता है।
अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ तालमेल बेहतर होने से आपके काम को पहचान मिल सकती है। इसके अलावा संपत्ति, जमीन या वाहन से जुड़े पुराने मामलों में भी अनुकूल परिणाम मिलने की संभावना ज्योतिषीय गणना में जताई गई है।
वृश्चिक राशि: निवेश और प्रतियोगी परीक्षा में लाभ के संकेत
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल देव माने जाते हैं। ऐसे में मंगल की ऊर्जा के साथ बुध की तार्किक क्षमता का संबंध इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साहस के साथ लिए गए फैसले और नए निवेश आर्थिक लाभ का कारण बन सकते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं या सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे जातकों को कोई अच्छी खबर मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस दौरान जातक विरोधियों का सामना अपनी बुद्धिमत्ता और पराक्रम से बेहतर ढंग से कर सकते हैं।
शुभ प्रभाव के लिए किए जा सकते हैं ये उपाय
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार बुध और मंगल से जुड़े शुभ प्रभाव को मजबूत करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं।
– 2 अक्टूबर को भगवान श्रीगणेश को 21 दूर्वा अर्पित करें और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं।
– मंगल की सकारात्मक ऊर्जा के लिए हनुमानजी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
– किसी जरूरतमंद व्यक्ति को हरी मूंग की दाल या हरे कपड़े का दान करना शुभ माना जाता है।


