डेस्क: यमुनानगर में एक पुलिस अधिकारी के राशन कार्ड और पहचान संबंधी दस्तावेजों का कथित तौर पर दुरुपयोग कर फर्जी फर्म का रजिस्ट्रेशन कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अज्ञात लोगों ने 2008 में उसके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर एमएस यमुना सेल्स कॉरपोरेशन नाम से फर्म का पंजीकरण कराया और उसके नाम पर वैट नंबर भी हासिल कर लिया।
करीब 18 साल बाद जब इस फर्जी फर्म से जुड़े पुराने टैक्स मामले में कार्रवाई हुई और पुलिस अधिकारी के बैंक खाते फ्रीज कर वेतन अटैच करने की कार्रवाई शुरू हुई, तब उसे पूरे मामले की जानकारी हुई। थाना शहर यमुनानगर में शिकायत सौंपने पर मामले में विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि उन्हें जैसे ही शिकायत मिली उन्होंने इसमें विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि 18 साल पुराने इस फ्रॉड का पता तब चला जब जीएसटी का फर्म को नोटिस प्राप्त हुआ। उसके बाद जांच हुई और यह तथ्य सामने आए। अपनी तरह के इस अनोखे मामले में अब जांच शुरू की गई है और पुलिस इसकी गहराई तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है कि किस तरह से आरोपी ने दस्तावेज हासिल किया।


