डेस्क: क्या आपको लग रहा है कि पिछले कुछ दिनों या हफ्तों से पहले के मुकाबले ज्यादा बाल टूट रहे हैं? कंघी करते समय बालों का गुच्छा निकलना, तकिए पर ज्यादा बाल दिखना या नहाते समय हाथ में काफी बाल आना ऐसी चीजें हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अक्सर हेयर फॉल बढ़ते ही लोग शैंपू, तेल या हेयर सीरम बदलने लगते हैं। लेकिन हर बार बाल झड़ने की वजह कोई हेयर प्रोडक्ट नहीं होता। कई बार इसके पीछे शरीर में पोषक तत्वों की कमी, तनाव, हार्मोनल बदलाव या कोई स्वास्थ्य समस्या भी हो सकती है।
बालों को मजबूत रखने के लिए किन पोषक तत्वों की जरूरत होती है?
बालों की ग्रोथ और मजबूती के लिए शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, आयरन और कई जरूरी विटामिन व पोषक तत्वों की जरूरत होती है। अगर लंबे समय तक डाइट में इनकी कमी बनी रहे, तो बाल कमजोर होकर ज्यादा टूट सकते हैं। खासकर आयरन की कमी को बाल झड़ने की एक वजह माना जाता है। महिलाओं में पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने पर शरीर में आयरन की कमी का खतरा बढ़ सकता है। कुछ लोगों में विटामिन डी और विटामिन बी12 की कमी भी बालों से जुड़ी परेशानियों के साथ देखी जा सकती है। इसलिए सिर्फ ऊपर से बालों की देखभाल करने के बजाय अपनी डाइट पर भी ध्यान देना जरूरी है।
थायरॉइड भी हो सकता है वजह
अगर बाल अचानक सामान्य से ज्यादा झड़ने लगे हैं, तो इसके पीछे थायरॉइड से जुड़ी समस्या भी एक कारण हो सकती है। थायरॉइड हार्मोन शरीर के कई जरूरी कामों को प्रभावित करते हैं और इनमें गड़बड़ी होने पर बालों की ग्रोथ पर भी असर पड़ सकता है। अगर हेयर फॉल के साथ लगातार थकान, वजन का अचानक बढ़ना या कम होना, सामान्य से ज्यादा ठंड या गर्मी लगना जैसी परेशानियां भी महसूस हो रही हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
महिलाओं में हार्मोनल बदलाव का असर
महिलाओं में होने वाले कई हार्मोनल बदलाव भी कुछ समय के लिए बालों के झड़ने की वजह बन सकते हैं। पीरियड्स में बदलाव, गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के दौरान कुछ महिलाओं को सामान्य से ज्यादा हेयर फॉल दिखाई दे सकता है। इसके अलावा पीसीओएस जैसी हार्मोन से जुड़ी स्थिति में भी कुछ महिलाओं के बाल पतले होने या सिर के कुछ हिस्सों में बाल कम होने की शिकायत हो सकती है।
आजकल लगातार तनाव और नींद की कमी भी बालों की सेहत को प्रभावित कर सकती है। बहुत ज्यादा मानसिक तनाव, काम का दबाव, तेज बुखार या किसी बड़ी बीमारी के बाद कुछ समय के लिए बाल ज्यादा झड़ सकते हैं। खास बात यह है कि इसका असर हमेशा तुरंत नजर नहीं आता। कई बार तनाव या बीमारी के कुछ हफ्तों या महीनों बाद हेयर फॉल बढ़ता हुआ दिखाई देता है। इसलिए अगर अचानक बाल ज्यादा झड़ने लगे हैं, तो पिछले कुछ महीनों में हुई बीमारी, तेज बुखार, तनाव या वजन में अचानक बदलाव को भी ध्यान में रखना चाहिए।
बहुत ज्यादा डाइटिंग भी पड़ सकती है भारी
अगर आप तेजी से वजन कम करने के लिए बहुत कम खाना शुरू कर देते हैं, तो इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। शरीर को पर्याप्त कैलोरी, प्रोटीन और पोषक तत्व न मिलने पर बालों की सामान्य ग्रोथ प्रभावित हो सकती है। वजन कम करने के दौरान भी संतुलित डाइट लेना जरूरी है। खाने में दाल, चना, राजमा, पनीर, अंडा, दूध-दही, सोया और अपनी पसंद के दूसरे प्रोटीन स्रोत शामिल किए जा सकते हैं।
बालों की देखभाल में इन बातों का रखें ध्यान
बाल झड़ने के पीछे सिर्फ शरीर के अंदर की वजहें ही नहीं होतीं। गलत तरीके से बालों की देखभाल करने पर भी बाल कमजोर होकर टूट सकते हैं। बार-बार हीट स्टाइलिंग करने से बचें। जरूरत से ज्यादा हेयर कलर या केमिकल ट्रीटमेंट न कराएं। बालों को बहुत कसकर बांधने से बचें। गीले बालों में जोर से कंघी न करें।बालों के लिए बहुत ज्यादा प्रोडक्ट इस्तेमाल करने के बजाय जरूरत के हिसाब से ही चीजें चुनें।हालांकि, अगर बाल जड़ों से ज्यादा झड़ रहे हैं, तो केवल शैंपू या तेल बदलने से समस्या का कारण पता नहीं चलेगा।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर कुछ दिनों से ज्यादा समय तक हेयर फॉल लगातार बढ़ रहा है, सिर के किसी हिस्से में बाल कम दिखाई देने लगे हैं, बाल तेजी से पतले हो रहे हैं या अचानक गुच्छों में बाल निकल रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज न करें। ऐसे मामलों में त्वचा रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर रहता है। डॉक्टर जरूरत के हिसाब से आपकी डाइट, लक्षणों और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के आधार पर जांच की सलाह दे सकते हैं। बिना जांच के आयरन, विटामिन या किसी अन्य सप्लीमेंट की गोलियां खुद से शुरू करना सही नहीं है।


