डेस्क: रेल यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने पश्चिमी और पूर्वी भारत के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गुजरात के भुज और बिहार के बरौनी के बीच एक नई ‘अमृत भारत एक्सप्रेस’ ट्रेन शुरू करने का फैसला लिया है। यह स्पेशल ट्रेन 2,532 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और देश के चार प्रमुख राज्यों-गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार को आपस में जोड़ेगी। रेल मंत्रालय ने कहा कि इस नई सर्विस के शुरू होने की तारीख़ का ऐलान बाद में किया जाएगा। यह ट्रेन पश्चिमी और पूर्वी भारत के बीच एक और रेल लिंक देगी।
भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस: समय
-यह नई सर्विस भुज से बरौनी के लिए ट्रेन नंबर 19427 के तौर पर और वापसी में ट्रेन नंबर 19428 के तौर पर चलेगी।
-रेल मंत्रालय ने बताया, ट्रेन नंबर 19427 भुज-बरौनी अमृत भारत एक्सप्रेस भुज से शाम 5:30 बजे चलेगी और बरौनी सुबह 04:05 बजे पहुंचेगी।
-वापसी में, ट्रेन नंबर 19428 बरौनी-भुज अमृत भारत एक्सप्रेस बरौनी से रात 11:55 बजे चलेगी और भुज दोपहर 1:15 बजे पहुंचेगी।
-भुज-बरौनी ट्रेन सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलेगी, जबकि वापसी की सर्विस मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को चलेगी।
रूट और स्टॉपेज
यह ट्रेन कई अहम स्टेशनों पर रुकेगी, जिनमें समाखियाली, अहमदाबाद, रतलाम, कोटा, सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, भरतपुर, मथुरा, हाथरस, बरेली, इज़्ज़तनगर, पीलीभीत, लखीमपुर, गोंडा, गोरखपुर, सिवान, छपरा, हाजीपुर, मुज़फ़्फ़रपुर और समस्तीपुर शामिल हैं। यह सर्विस गुजरात और बिहार के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को एक और विकल्प देगी और साथ ही राजस्थान और उत्तर प्रदेश के अहम शहरों को भी जोड़ेगी।
झांसी-आगरा ट्रेन को मथुरा तक बढ़ाया गया
एक और फ़ैसले में, रेल मंत्रालय ने ट्रेन नंबर 11901/11902 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी-आगरा कैंट एक्सप्रेस को मथुरा तक बढ़ाने की मंज़ूरी दी है। ट्रेन के रूट को बढ़ाने के बाद, ट्रेन नंबर 11901 वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी से शाम 4 बजे चलेगी और रात 11 बजे मथुरा पहुँचेगी। ट्रेन नंबर 11902 मथुरा से सुबह 5:05 बजे चलेगी और दोपहर 12:50 बजे झांसी पहुंचेगी। यात्रा की कुल दूरी 217 km से बढ़कर 270 km हो जाएगी। इस बढ़ी हुई सर्विस में राजा की मंडी, रुनकुटा, दीन दयाल धाम और बाड़ में कमर्शियल स्टॉपेज होंगे। रेलवे के इन दोनों फैसलों का मकसद यात्रियों को यात्रा के ज़्यादा विकल्प देना और देश भर के अहम रूटों पर कनेक्टिविटी को मज़बूत करना है।


