डेस्क: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रदेश में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और बाढ़ पीड़तिों के लिए समुचित राहत एवं सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने आज यहां कहा कि बिहार बाढ़ से त्राहिमाम कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की इस बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग पर ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि बिहार में बाढ़ के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार गंभीर नहीं है। बिहार कोटे से केंद्र में मंत्री बने सांसद भी इस मुद्दे को सरकार के समक्ष मजबूती से उठाने में विफल रहे हैं।
राजद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बड़े नेता, जिनमें नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शामिल हैं, केंद्र से बिहार के लिए पर्याप्त सहयोग हासिल करने की कोशिश करने के बजाय अपने वेतन का कुछ हिस्सा दान कर रहे हैं और इससे जनता का ध्यान मूल मुद्दे से भटकाया जा रहा है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि बिहार के साथ केंद्र की ओर से सौतेला व्यवहार किए जाने की नीति पुरानी है।
गुजरात में मामूली आपदा की स्थिति में भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तत्काल संज्ञान लेते हैं, लेकिन बिहार को वैसी प्राथमिकता नहीं मिलती है। राजद ने कहा कि बाढ़ की स्थिति विकट होने के बाद शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में एक केंद्रीय दल बिहार आया, लेकिन इस दल ने भी इतनी बड़ी आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की अनुशंसा नहीं की। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार की बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने के साथ ही बाढ़ पीड़तिों के लिए राहत, पुनर्वास और आवश्यक सहायता का समुचित प्रबंध करने की मांग की।


