डेस्क: एसडीएम शंभू राठी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांवों में किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक करें और खेतों में लगातार निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि धान के अवशेष जलाने वाले किसानों पर नियमानुसार जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर और अन्य कार्रवाई भी की जाएगी।
एसडीएम आर्य कन्या महाविद्यालय शाहबाद में फसल अवशेष प्रबंधन खरीफ-2026 के तहत नोडल अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों से विशेष रूप से शाम के समय खेतों पर निगरानी बढ़ाने और आग लगाने की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नोडल अधिकारी डॉ. जितेंद्र मेहता ने बताया कि फसल अवशेष जलाने से भूमि की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। किसान चॉपर, मल्चर और सुपर सीडर के माध्यम से अवशेषों को मिट्टी में मिलाकर तथा स्ट्रॉ बेलर के जरिए अवशेषों की गांठ बनाकर उनका प्रबंधन कर सकते हैं। इन विधियों को अपनाने वाले किसानों को 1200 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
खंड कृषि अधिकारी डॉ. ओम प्रकाश ने कहा कि पिछले वर्ष शाहबाद के किसानों ने फसल अवशेष नहीं जलाकर प्रशासन का सहयोग किया था। उन्होंने इस वर्ष भी किसानों से सहयोग करने की अपील की। बैठक में कृषि, पंचायत, बागवानी, पशुपालन, राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


