करनाल जिला स्थानीय हरियाणा

पालतु कुत्ता रखा है तो एक सप्ताह में सरल हरियाणा पोर्टल से कराएं पंजीकरण सलोनी शर्मा, निगमायुक्त।

पालतु कुत्ता रखा है तो एक सप्ताह में सरल हरियाणा पोर्टल से कराएं पंजीकरण, नगर निगम सीमा में प्रत्येक पालतु कुत्ते का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य- सलोनी शर्मा, निगमायुक्त।


पंजीकरण नहीं करवाने पर नियमानुसार होगी कार्रवाई, रेबीज टीकाकरण प्रमाण-पत्र भी जरूरी।

*करनाल 15 सितंबर,* नगर निगम द्वारा शहर में पालतु कुत्तों के व्यवस्थित एवं जिम्मेदार पालन, सार्वजनिक स्वच्छता, नागरिकों की सुरक्षा तथा पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए नगर निगम सीमा में रखे जा रहे प्रत्येक पालतु कुत्ते का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पालतु कुत्तों के मालिकों को पंजीकरण करवाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।
नगर निगम आयुक्त सलोनी शर्मा ने कहा कि पालतु कुत्तों का पंजीकरण सरल हरियाणा पोर्टल के माध्यम से करवाया जाए। सभी पालतु कुत्ता मालिक निर्धारित समयावधि के भीतर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करें। एक सप्ताह की अवधि में पंजीकरण नहीं करवाने वाले पालतु कुत्तों के मालिकों के विरुद्ध लागू कानून, नियमों एवं उपनियमों के अनुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

*हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 311 के तहत करवाएं पंजीकरण।*
निगमायुक्त ने बताया कि पालतु कुत्तों के पंजीकरण एवं उचित नियंत्रण की व्यवस्था हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 311 के प्रावधानों के तहत की जा रही है। उक्त धारा में नगर निगम क्षेत्र में रखे गए कुत्तों के पंजीकरण की व्यवस्था करने तथा कुत्तों के उचित नियंत्रण से संबंधित प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजीकरण का मुख्य उद्देश्य शहर में पालतु कुत्तों की जानकारी को व्यवस्थित करना, उनसे संबंधित शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना तथा सार्वजनिक स्थानों पर नागरिकों की सुरक्षा एवं स्वच्छता बनाए रखना है।

*रेबीज टीकाकरण प्रमाण-पत्र अनिवार्य।*
पालतु कुत्ते के पंजीकरण के समय रेबीज टीकाकरण का प्रमाण-पत्र उपलब्ध करवाना अनिवार्य होगा। कुत्ते का समय-समय पर पशु चिकित्सक की सलाह के अनुसार टीकाकरण करवाना मालिक की जिम्मेदारी होगी। एकपंजीकरण के दौरान कुत्ते का नाम, नस्ल, लिंग, आयु/जन्म तिथि, रंग एवं पहचान चिन्ह, रखने का स्थान तथा टीकाकरण संबंधी आवश्यक विवरण उपलब्ध करवाना होगा।

*सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते को नियंत्रण में रखना होगा।*
निगमायुक्त ने कहा कि पालतु कुत्तों के मालिकों को सार्वजनिक स्थानों पर कुत्ते को घुमाते समय आवश्यक नियंत्रण में रखना होगा। ऐसे कुत्ते को खुले में इस प्रकार नहीं छोड़ा जाएगा, जिससे आमजन को भय, असुविधा अथवा किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न हो। कुत्ते द्वारा सार्वजनिक स्थान पर मल त्याग किए जाने की स्थिति में मालिक द्वारा तत्काल उसकी सफाई करवाना अनिवार्य होगा। कुत्ते को घुमाने वाला व्यक्ति आवश्यक सफाई सामग्री/बैग साथ रखे, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैले। साथ ही, पालतु कुत्ते को इस प्रकार नहीं रखा जाएगा, जिससे पड़ोसियों अथवा आमजन को अनावश्यक परेशानी, भय, गंदगी या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का सामना करना पड़े।

*एक सप्ताह की समय-सीमा—नहीं तो नियमानुसार कार्रवाई।*
निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि सभी पालतु कुत्ता मालिक एक सप्ताह के भीतर अपने कुत्ते का पंजीकरण अवश्य करवाएं। निर्धारित अवधि के बाद नगर निगम द्वारा पंजीकरण की स्थिति की जांच की जाएगी और बिना पंजीकरण पाए जाने पर संबंधित मालिक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम की विभिन्न टीमों द्वारा डोर टू डोर जाकर पालतू कुत्तों का सर्वे भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गलत अथवा भ्रामक जानकारी उपलब्ध करवाने की स्थिति में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है तथा सक्षम प्राधिकारी को पंजीकरण निरस्त करने का अधिकार सुरक्षित रहेगा। पंजीकरण का निर्धारित अवधि के अनुसार नवीनीकरण करवाना भी मालिक की जिम्मेदारी होगी।

*आरडब्ल्यूए एवं पशु कल्याण संगठनों से सहयोग की अपील।*
नगर निगम द्वारा इस व्यवस्था की जानकारी व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए आरडब्ल्यूए, वार्ड पार्षदों तथा पशु कल्याण से जुड़े संगठनों के साथ समन्वय किया जाएगा। निगमायुक्त ने सभी आरडब्ल्यूए एवं नागरिक संगठनों से अपील की कि वे अपने क्षेत्रों में पालतु कुत्ते रखने वाले नागरिकों को निर्धारित समय में पंजीकरण करवाने के लिए जागरूक करें।
निगमायुक्त ने कहा कि पालतु कुत्ते का पंजीकरण केवल कानूनी अनुपालन नहीं, बल्कि जिम्मेदार पशुपालन, सार्वजनिक स्वच्छता और नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे निर्धारित एक सप्ताह की अवधि में पंजीकरण करवाकर नगर निगम की व्यवस्था में सहयोग दें।

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