डेस्क: मुजफ्फरपुर। गन्ने की खेती करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब चीनी मिलों से दूर रहने वाले किसानों को अपनी उपज की खपत के लिए दूसरे जिलों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
सरकार स्थानीय स्तर पर गन्ने से गुड़ बनाने की व्यवस्था विकसित करने जा रही है। चतुर्थ कृषि रोडमैप के तहत बिहार राज्य गुड़ उद्योग प्रोत्साहन कार्यक्रम में मुजफ्फरपुर का चयन किया गया है।
जिले में नौ गुड़ निर्माण इकाइयां स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे किसानों को उपज की खपत के साथ अतिरिक्त आमदनी का नया माध्यम मिलेगा।
किसानों को मिलेगा लाभ
योजना के तहत जिले में छह इकाइयां सामान्य श्रेणी और तीन अनुसूचित जाति श्रेणी के लिए प्रस्तावित हैं। कुल नौ किसानों या उद्यमियों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से इकाई स्थापित करने में वित्तीय सहयोग दिया जाएगा। इसका उद्देश्य गैर-मिलिंग क्षेत्रों में गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी उपज खपाने का अवसर देना है।
एक करोड़ तक की इकाई पर अनुदान
उत्पादन और पेराई क्षमता के आधार पर 12 लाख से एक करोड़ रुपये तक की लागत वाली गुड़ निर्माण इकाई स्थापित की जा सकती है। योजना के तहत किसान या उद्यमी को अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इससे छोटे और बड़े स्तर पर गुड़ उत्पादन शुरू करने के इच्छुक लोगों को प्रोत्साहन मिलेगा।
दूसरे जिलों में भेजने की परेशानी होगी कम
अभी चीनी मिलों से दूर रहने वाले किसानों को गन्ने की उपज की खपत के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर गुड़ निर्माण इकाइयां शुरू होने से यह परेशानी कम होगी। किसान गन्ने से गुड़ तैयार कर स्थानीय बाजार में बेच सकेंगे। इससे उपज की खपत के साथ अतिरिक्त आय और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
लाइसेंस लेना होगा जरूरी
गुड़ निर्माण इकाई शुरू करने से पहले किसान को उत्पादन का लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। सहायक ईख निदेशक अरविंद कुमार रवि ने बताया कि इसके लिए जिला गन्ना विकास पदाधिकारी के कार्यालय में आवेदन करना होगा।
लाइसेंस के लिए 2100 रुपये का चालान जमा करना होगा। जिला स्तर से आवेदन निदेशालय भेजा जाएगा। लाइसेंस मिलने के बाद ही किसान गुड़ निर्माण इकाई के लिए आवेदन कर सकेंगे।
आनलाइन आवेदन शुरू
योजना का लाभ लेने के लिए आनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक किसान आवेदन कर इस योजना का लाभ ले सकते हैं। विभाग का मानना है कि स्थानीय स्तर पर गुड़ उत्पादन बढ़ने से गन्ना किसानों की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

