बिहार

पूर्णिया: राघोपुर में बाढ़ पीड़ितों से मिले पप्पू यादव, महिलाओं को दी आर्थिक मदद

डेस्क: पूर्णिया। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने शुक्रवार को खरीक प्रखंड के राघोपुर गांव के वार्ड संख्या 8 और 9 में पहुंचकर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बाढ़ से घिरे ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और 100 से अधिक महिलाओं को अपनी ओर से नगद आर्थिक सहायता दी.

नाव डूबने और लापता बादल मंडल का मुद्दा उठाया

 

सांसद ने सिकंदर मंडल की नाव डूबने का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि सिकंदर मंडल ने करीब 70 लाख रुपये खर्च कर, यहां तक कि जमीन बेचकर नाव बनवाई थी. बाढ़ में नाव डूब जाने के बाद उन्हें संबंधित संवेदक की ओर से अब तक कोई सहायता नहीं मिली है. उन्होंने नाव बर्बाद होने वाले लोगों को भी उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की.

 

पप्पू यादव ने करीब 15 दिनों से लापता बादल मंडल के परिजनों से मुलाकात का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि गंगा में डूबने के बाद अब तक बादल मंडल का शव बरामद नहीं हुआ है. सांसद ने परिजनों को तत्काल 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी.

सरकार की राहत व्यवस्था पर सांसद ने उठाए सवाल

 

पप्पू यादव ने कहा कि इंजीनियर कुमार शैलेंद्र, जो बिहपुर विधायक और पथ निर्माण मंत्री हैं, तथा शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, जो गोपालपुर विधायक और ऊर्जा मंत्री हैं, दोनों का घर-परिवार इसी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भी इसी क्षेत्र से आते हैं, इसके बावजूद बाढ़ पीड़ित परिवारों को पर्याप्त सरकारी सहायता नहीं मिल रही है.

 

सांसद ने सवाल उठाया कि यदि सरकार के पास पैसा है तो पीड़ित परिवारों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता क्यों नहीं दी जा रही है. उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और आर्थिक मदद देने में तेजी लाने की मांग की.

एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग की जांच की मांग

 

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि एंटी-इरोजन और फ्लड फाइटिंग के नाम पर वर्षों से सरकारी राशि खर्च की जा रही है, लेकिन इसका वास्तविक लाभ गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है. उन्होंने कहा कि ठेकेदार, पदाधिकारी और नेता मिलकर जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं.

 

सांसद ने पिछले करीब 40 वर्षों से सिंचाई व्यवस्था से जुड़े लोगों, ठेकेदारों, माफिया और पदाधिकारियों की संपत्ति की जांच कराने की मांग की. उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वे सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं.

 

नदियों की गाद और बांध निर्माण पर भी उठे सवाल

 

उन्होंने सवाल उठाया कि नदियों की गाद और जलधारा किसने बर्बाद की, बांध क्यों नहीं बनाए गए और एंटी-इरोजन तथा फ्लड फाइटिंग के नाम पर खर्च हुई राशि का इस्तेमाल कहां हुआ. उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री को दस बार पत्र लिखा जा चुका है.

 

पप्पू यादव ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदारों और पदाधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बक्सर, आरा समेत बिहार के कई हिस्से बाढ़ से प्रभावित हैं और संकट की इस घड़ी में पीड़ित परिवारों के बीच खड़ा रहना उनका धर्म, फर्ज और कर्तव्य है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *