डेस्क: दिल्ली में आयोजित BRICS समिट में ‘वेलकम किट’ में शामिल किए जाने से बिहार के पारंपरिक खाद्य उत्पादों-सत्तू और मखाने-को वैश्विक मंच पर अहम जगह मिली है। इससे राज्य के अपने स्थानीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के प्रयासों को बड़ी मजबूती मिली है।
इस पहचान का स्वागत करते हुए, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को कहा कि BRICS वेलकम किट में सत्तू और मखाने को शामिल करना बिहार के पारंपरिक उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक व उद्यमी विरासत को दर्शाता है। चौधरी ने कहा, “बिहार के सत्तू और मखाने को मिली वैश्विक पहचान हर बिहारी के लिए गर्व की बात है। ये उत्पाद हमारी परंपरा, हमारे किसानों और नए बिहार की उद्यमी भावना का प्रतिनिधित्व करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने जताया PM मोदी का आभार
मुख्यमंत्री ने ‘लोकल टू ग्लोबल’ (स्थानीय से वैश्विक) के विजन को बढ़ावा देने और भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों तक पहुंचने के अवसर प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहार का पारंपरिक मुख्य भोजन ‘सत्तू’ अपने पोषण मूल्य और कई तरह से इस्तेमाल किए जा सकने के गुणों के लिए जाना जाता है, जबकि राज्य में बड़े पैमाने पर उगाया जाने वाला ‘मखाना’ बिहार के सबसे खास कृषि उत्पादों में से एक बनकर उभरा है, जिसकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग बढ़ रही है।
एक हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय समिट में मिली यह पहचान बिहार के स्थानीय उत्पादकों, किसानों, खाद्य-प्रसंस्करण क्षेत्र और उद्यमियों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है, जो वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक स्थानीय उत्पादों के स्रोत के रूप में राज्य की उभरती पहचान को और मजबूत करती है। चौधरी ने कहा कि यह घटनाक्रम बिहार की उस यात्रा में एक नया अध्याय है, जिसका मकसद अपने पारंपरिक उत्पादों के लिए एक मजबूत ब्रांड बनाना और स्थानीय उद्यमों को वैश्विक बाजारों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि बिहार की पारंपरिक रसोई से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनयिक मंच तक, सत्तू और मखाना राज्य की नई पहचान – ‘बिहार का स्वाद, अब दुनिया के सामने’- के प्रतीक बनते जा रहे हैं।

