राष्ट्रीय

IIT दिल्ली में छात्र की मौत के बाद विरोध प्रदर्शन

जिस कैंपस में देश के होनहार युवा अपने भविष्य के सपने लेकर आते हैं… आज उसी कैंपस में एक छात्र की मौत के बाद गुस्सा सड़कों पर है। सवाल सिर्फ एक मौत का नहीं, बल्कि ये है क्या छात्रों की आवाज़ समय रहते सुनी जा रही है?

दिल्ली के IIT दिल्ली में 31 वर्षीय M.Sc. Physics छात्र ऋषिकेश कुमार की मौत के बाद छात्रों ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया।

22 अगस्त की सुबह ऋषिकेश कुमार IIT दिल्ली के Lecture Hall Complex की छठी मंजिल से गिर गए थे। पुलिस के मुताबिक, घटना की सूचना सुबह करीब 8:33 बजे मिली। उन्हें कैंपस अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई suicide note नहीं मिला और मामले की जांच जारी है।

इसके बाद 24 अगस्त को बड़ी संख्या में छात्रों ने कैंपस में क्लास का बहिष्कार करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने इस मामले में स्वतंत्र जांच, अधिकारियों की जवाबदेही और student welfare तथा mental-health support system में सुधार की मांग की। प्रदर्शन के चलते उस दिन IIT दिल्ली में classes भी suspend कर दी गईं।

छात्रों की मांगों में अधिकारियों की जवाबदेही के साथ-साथ मृत छात्र के परिवार के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग भी शामिल है।

अब इस पूरे मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है।

IIT दिल्ली ने पांच सदस्यीय External Inquiry Committee गठित की है, जो ऋषिकेश कुमार की मौत से जुड़ी परिस्थितियों और संस्थान के संबंधित रिकॉर्ड व प्रक्रियाओं की जांच करेगी। समिति को अपनी रिपोर्ट दो हफ्तों के भीतर देने को कहा गया है।

इस घटना ने IIT दिल्ली में छात्र कल्याण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि campus support system को लेकर लंबे समय से चली आ रही चिंताओं का मुद्दा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या इस जांच से छात्रों को उनके सवालों के जवाब मिलेंगे? और क्या IIT जैसे संस्थानों में student welfare को लेकर कोई बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा?

इस मामले में जांच जारी है और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार है।

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